कुंदन कुमार, पटना। बिहार की राजनीति में अपनी जड़ें मजबूत करने की दिशा में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने बड़ा कदम उठाया है। इसी कड़ी में राजधानी पटना में पार्टी की ओर से एक भव्य सदस्यता ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने शिवसेना की सदस्यता ली, जिससे पार्टी ने राज्य में अपने संगठन के विस्तार का एक स्पष्ट और मजबूत संदेश दिया है।

​प्रमुख नेताओं की मौजूदगी

​समारोह के दौरान शिवसेना के बिहार प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष झा और उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष अभय द्विवेदी विशेष रूप से मौजूद रहे। इस मौके पर सहरसा जिले के प्रमुख नेता सुदीप प्रताप सिंह ने अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ आधिकारिक रूप से शिवसेना का दामन थामा। इस कार्यक्रम ने पार्टी कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह भर दिया है।

​सहरसा से पटना तक संगठन विस्तार का संकल्प

​शिवसेना की सदस्यता ग्रहण करने के बाद सुदीप प्रताप सिंह ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि आने वाले दिनों में पार्टी बिहार के अलग-अलग जिलों में जमीनी स्तर पर संगठन को और अधिक मजबूत करने के लिए काम करेगी।

  • ​जमीनी स्तर पर पकड़: पार्टी का मुख्य उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा लोगों को अपने साथ जोड़ना और हर जिले तक अपनी पहुंच बनाना है।
  • ​वैचारिक रुख: उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बिहार में जहां भी हिंदुओं के हितों की बात होगी, वहां शिवसेना हमेशा मजबूती के साथ जनता के साथ खड़ी नजर आएगी।

​इस बयान के माध्यम से पार्टी ने यह संकेत दे दिया है कि वह केवल राजनीतिक विस्तार तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि अपने वैचारिक आधार को भी राज्य में धार देने का काम करेगी।

​बिहार की राजनीतिक तस्वीर में नया समीकरण

​महाराष्ट्र की राजनीति में लंबे समय से प्रभावी रही शिवसेना अब धीरे-धीरे अन्य राज्यों में भी अपनी राजनीतिक जमीन तलाश रही है। बिहार में इस तरह के सदस्यता अभियानों के जरिए पार्टी जिला और बूथ स्तर तक अपनी पकड़ बनाने की रणनीति पर काम कर रही है।
​वर्तमान में जब बिहार की राजनीति में तमाम छोटे-बड़े दल अपने सामाजिक और राजनीतिक आधार को बढ़ाने में जुटे हैं, ऐसे में शिंदे गुट की शिवसेना का आक्रामक रूप से सक्रिय होना प्रदेश की राजनीतिक सरगर्मी को और बढ़ाने का काम कर रहा है।