कृष्ण कुमार सैनी ,यमुना नगर। जिले में हुए सतनाम सिंह हत्याकांड में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह हत्या अचानक नहीं, बल्कि करीब छह साल पुरानी रंजिश का बदला लेने के लिए सुनियोजित तरीके से कराई गई थी। मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य शूटर अभी फरार बताया जा रहा है।

पुलिस जांच के मुताबिक, गांव बाल छप्पर में हुई इस हत्या की जड़ें वर्ष 2020 में हुई पूर्व सरपंच की हत्या से जुड़ी हैं। आरोप है कि पूर्व सरपंच के बेटे युवराज ने अपने पिता की मौत का बदला लेने के लिए सतनाम सिंह की हत्या की साजिश रची। बताया जा रहा है कि युवराज पिछले करीब डेढ़ साल से अमेरिका में रह रहा है और वहीं बैठकर पूरे नेटवर्क को ऑपरेट कर रहा था।

पुलिस के अनुसार, हत्या को अंजाम देने के लिए बाकायदा सुपारी दी गई थी। जांच में सामने आया है कि करीब 1 लाख रुपये की डील हुई थी। इतना ही नहीं, शूटर को काम पूरा करने के बाद विदेश भेजने का लालच भी दिया गया था, ताकि वारदात के बाद वह आसानी से बच निकल सके।
मामले में पुलिस ने इंद्रपाल सिंह और अशोक कुमार को गिरफ्तार किया है।

आरोप है कि इंद्रपाल ने शूटर को हथियार और बाइक उपलब्ध कराई, जबकि अशोक कुमार ने पैसों के लेन-देन में भूमिका निभाई और रकम आगे शूटर तक पहुंचाई। पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।

डीएसपी के मुताबिक, 11 मई 2026 की सुबह करीब 5:30 बजे थाना छप्पर पुलिस को गांव बाल छप्पर में गोली मारकर हत्या किए जाने की सूचना मिली थी। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो पता चला कि सतनाम सिंह को दो गोलियां मारी गई थीं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

जांच के दौरान पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 10 राउंड बरामद किए हैं। हालांकि, इस पूरे मामले का मुख्य शूटर अभी पुलिस की पकड़ से बाहर है और उसकी तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है, इसलिए सभी जानकारियां सार्वजनिक नहीं की जा सकतीं। साथ ही, शुरुआती जांच में गिरफ्तार आरोपियों का कोई बड़ा आपराधिक रिकॉर्ड सामने नहीं आया है, लेकिन पूरे नेटवर्क और साजिश की परतें अब भी खंगाली जा रही हैं।