सिरसा। सिरसा में एक विवाहिता और उसकी दो साल की बेटी की संदिग्ध परिस्थितियों में जलने से मौत हो गई। घटना के दौरान बच्ची झुलसी हालत में घर से बाहर निकली और उसकी चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। बच्ची को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया। वहीं महिला का शव घर के एक कमरे से बरामद हुआ, जो करीब 60 प्रतिशत तक जला हुआ बताया जा रहा है।

मृतका की पहचान शक्कर मंदोरी निवासी 32 वर्षीय कविता के रूप में हुई है। घटना रविवार दोपहर करीब दो बजे की बताई जा रही है। कविता के भाई सतीश का आरोप है कि उसकी बहन को लंबे समय से ससुराल में दहेज के लिए परेशान किया जा रहा था। परिवार का दावा है कि मांग पूरी नहीं होने पर उसके साथ मारपीट भी की जाती थी।

परिजनों के मुताबिक, घटना से कुछ देर पहले ही कविता ने अपने भाई सतीश से फोन पर बातचीत की थी। दोपहर करीब 1:35 बजे हुई बातचीत में उसने भाई को बेटे के जन्मदिन की बधाई दी थी। कविता ने बताया था कि उसकी दो साल की बेटी सानवी सो रही है, इसलिए वह वीडियो कॉल नहीं कर पाएगी। इसके बाद उसने अपने पिता बनारसी दास से भी फोन पर बात की और कुछ देर बाद दोबारा बातचीत करने की बात कही थी।

करीब एक घंटे बाद परिवार को कविता के ससुर के मोबाइल नंबर से फोन आया। परिजनों के अनुसार फोन करने वाले ने खुद को गांव का सरपंच बताते हुए कविता के जलने और मौत की सूचना दी। जानकारी मिलते ही पहले कविता के मामा महेंद्र सिंह गांव पहुंचे और इसके बाद मायके के अन्य लोग भी वहां पहुंचे।

मायके पक्ष का आरोप है कि कविता पहले भी ससुराल में कथित प्रताड़ना से परेशान होकर मायके आ गई थी। हालांकि बाद में उसका पति उसे वापस ससुराल ले गया। परिवार अब आरोप लगा रहा है कि दहेज की मांग को लेकर ही उसकी बेटी और नातिन के साथ यह घटना हुई।

पुलिस ने मायके पक्ष की शिकायत के आधार पर कविता के पति और सास-ससुर के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस घटना की परिस्थितियों, मौके से मिले साक्ष्यों और परिजनों के आरोपों की जांच कर रही है। कविता के शव का पोस्टमॉर्टम सिरसा के सिविल अस्पताल में कराया जा रहा है। मामले में जांच के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।