सीतामढ़ी। जिले के सोनबरसा थाना क्षेत्र के फरछहिया बाजार के पास स्थित एक आम के बगीचे में एक 70 वर्षीय बुजुर्ग का शव पेड़ से लटका हुआ मिला। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और तरह-तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म है। मृतक की पहचान फरछहिया गांव निवासी किशोरी महतो के रूप में की गई है।
सुबह टहलने या जाने वाले ग्रामीणों ने देखा शव
घटना के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार, गुरुवार को जब ग्रामीण रोज़मर्रा के काम से या आम के बगीचे की ओर गए, तो उन्होंने किशोरी महतो के शव को पेड़ से लटका हुआ देखा। सुबह-सुबह इस भयानक दृश्य को देखकर लोगों के होश उड़ गए। चंद मिनटों में ही घटनास्थल पर आसपास के ग्रामीण भारी संख्या में इकट्ठा हो गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना सोनबरसा थाना पुलिस को दी।
पुलिस और फॉरेंसिक टीम की तुरंत कार्रवाई
सूचना मिलते ही सोनबरसा थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक (पुअनि) प्रवीण कुमार और डायल-112 की टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गई। पुलिस बल ने तत्परता दिखाते हुए शव को पेड़ से नीचे उतरवाया और अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद कागजी प्रक्रिया पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, सीतामढ़ी भेज दिया गया।
मामले की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम को भी मौके पर बुलाया। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल काबारीकी से मुआयना किया और जांच के लिए कई जरूरी नमूने (सैंपल्स) एकत्रित किए हैं। पुलिस स्थानीय लोगों और परिजनों से पूछताछ कर रही है ताकि मौत के असली रहस्यों से पर्दा उठ सके।
परिवार में मचा कोहराम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक किशोरी महतो के बेटे विनोद कुमार फरछहिया बाजार में ही एक किराना दुकान चलाते हैं और परिवार का भरण-पोषण करते हैं। अचानक हुई इस दर्दनाक घटना की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। घर में कोहराम मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। इस घटना के बाद से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है और हर कोई इस अनहोनी पर हैरान है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद खुलेगा राज
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि किशोरी महतो की मौत किन परिस्थितियों में हुई है और यह आत्महत्या है या इसके पीछे कोई अन्य साजिश है। पुलिस आत्महत्या समेत हत्या और अन्य सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर गहराई से तफ्तीश कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और पुलिस के विस्तृत अनुसंधान के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पूरी तरह से खुलासा हो सकेगा।

