Smit Machchhar: दुबई से इजराइल जा रही फ्लाईदुबई (flydubai) की फ्लाइट को हाईजैक करने और क्रैश करने से बचाने वाले भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की पूरी दुनिया मुरीद हो गई है। पीएम नरेंद्र मोदी से लेकर इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तक तारीफों के पल बांधे हैं। फ्लाइट के कॉकपिट के अंदर पायलट स्मित मछार पर हमले को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। पायलट स्मित मछार पर ओमानी को-पायलट ने चाकू से नहीं, बल्कि प्लेन के क्रैश एक्स (Plane Crash Axe) से हमला किया था। फ्लाईदुबई के को-पायलट ने स्मित मछार पर प्लेन क्रैश Axe से हमला किया था। इस कुल्हाड़ी का जिक्र इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सीबीएस न्यूज को दिए इंटरव्यू में भी किया है।
बता दें कि क्रैश एक्स कुल्हाड़ी को विमानों में कानूनन रखना लीगल है। इसका उपयोग आग बुझाने क्रैश की स्थिति में बाहर निकलने का रास्ता बनाने के लिए होता है। हालांकि यह पहली बार है, जब क्रैस कुल्हाड़ी का इसका दुरुपयोग के लिए हुआ है।
एजेंसियों की जांच से साफ हुआ कि उन्होंने कोई चाकू या बाहरी हथियार तस्करी से नहीं लाया था। बल्कि उन्होंने कॉकपिट में पहले से मौजूद फायर एक्स यानी क्रैश एक्से का इस्तेमाल किया था। इसी कुल्हाड़ी का इस्तेमाल कर फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 के ओमानी को-पालयट ने विमान के पायलट स्मित मछार पर पर हमला किया था। इससे हमला करने पर कैप्टन स्मित मछार के गर्दन और सिर पर गंभीर चोटें आई है।
कुल्हाड़ी इमरजेंसी एक्जिट का औजार भी है
इस कुल्हाड़ी का मकसद किसी हमले के लिए नहीं बल्कि आपात स्थिति में जान बचाना है। कॉकपिट के अंदर दीवारों, छत की लाइनिंग और फर्श के पैनलों के पीछे छिपे बिजली के तारों या सर्किट में आग लगने पर सामान्य तरीके से पहुंचना मुश्किल होता है। ऐसे में क्रू सदस्य इस कुल्हाड़ी से पैनल काटकर आग बुझाने का काम करते हैं। विमान दुर्घटना या क्रैश होने पर एयरफ्रेम मुड़-तुड़ सकता है और सामान्य निकास द्वार जाम हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में क्रू सदस्य कुल्हाड़ी से मलबा हटाकर या कमजोर हिस्सों को काटकर वैकल्पिक रास्ता बना सकते हैं। यह उपकरण विंडशील्ड तोड़ने के लिए नहीं है, जैसा कि कई लोग गलत समझते हैं। हालांकिइस घटना में पहली बार इस सुरक्षा उपकरण का इस्तेमाल किसी को घायल करने के लिए हुआ, जिससे पूरी दुनिया हैरान है।
जानें क्या है पूरा मामला
यह पूरा मामला 30 सितंबर 2026 की है। फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 दुबई से इजराइल की राजधानी तेल अवीव जी रही था। इसमें 170 से ज्यादा लोग सवार थे, जिसमें से 120 इजराइली यात्री सवार थे। फ्लाइट को भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार उड़ा रहे थे। उड़ान के दौरान 32 हजार फीट पर उनके को-पालयट (ओमान का रहने वाला) ने विमान को क्रैश और हाईजैक करने की कोशिश की। को-पालयट ने स्मित मच्छार पर चाकू से हमला कर बुरी तरह घायल कर दिया। मरणासन हालत में होने के बावजूद मच्छार ने स्थिति को काबू में रखा। वह कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब रहे। इसके बाद यात्री और क्रू मेंबर कॉकपिट तक पहुंच सके। उन्होंने आरोपी को काबू करने में मदद की। प्लेन में मौजूद दूसरे पायलटों ने भी कंट्रोल संभालने में मदद की।
SIR पर चुनाव आयोग में फूट! 10 महीने में 14 बार दो चुनाव आयुक्तों ने फैसलों पर जताई नाराजगी, जानकारी के बिना निर्णय लेने का लगाया आरोप
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m

