तस्करों ने बदला पैंतरा, रात के अंधेरे में बैलगाड़ी के सहारे पार करा रहे धान

पुरुषोत्तम पात्र, गरियाबंद। वाहनों की लाइट व आवाज की वजह से सीमा पार करते हुए पकड़े जा रहे धान तस्करों ने पैतरा बदल लिया है. अब रात के अंधेरे में बैलगाड़ी में धान पार करने का खेल खेला जा रहा है. बैलगाड़ी वालों को 4-5 घंटे की मेहनत में 2 हजार रुपए की कमाई हो जा रही है.

धान तस्करी को रोकने प्रशासन की सख्ती के बाद हड़बड़ाए बिचौलिए धान पार करने रोज नए पैंतरे का इजाद कर रहे हैं. नूवापाड़ा जिले की सीमा से लगे धोबनमाल व कैठपदर पोस्ट के बीच ओडिशा के कांदामुड़ा को जोड़ने वाले कच्ची सड़क से बैलगाड़ी में धान पार किया जा रहा है. मंगलवार की रात 2 बजे धोबनमाल के एक कोचिये के घर यह धान डंप हो रहा था.

बैलगाड़ी हांक रहे बुजुर्ग ने नाम न छापने के शर्त पर बताया कि उन्हें महज 4 किमी का आना-जाना करना होता है. रात 10 बजे से 3 बजे तक 4 ट्रिप धान बैलगाड़ी में ले आते हैं. लोड-अनलोड करने वाले पहले से ही दोनों छोर में मौजूद होते हैं. एक ट्रिप का उन्हें 500 रुपए दिया जा रहा है. एक बार में 15 बोरी तो 4 बार में 60 बोरी ले आते हैं. ओड़िसा सीमा पर ही पिकअप से डंप कर के धान रखा होता है, जिसे केवल पार कराना होता है.

बैलगाड़ी वाले ने खुलासा किया है कि गाड़ी के अलावा डंप धान को साइकिल से भी पार कराया जा रहा है. रात के 4 से 5 घण्टे के मेहनत में उन्हें 2 हजार की कमाई हो जाती है.

रिस्क बढ़ा तो खरीदी का रेट घटा दिया

चौकसी बढ़ते ही बिचौलियों ने खरीदी व बिक्री का रेट में घट-बढ़ कर दिया. जिस धान को ओडिशा में 1200 रुपए प्रति क्विंटल तक खरीदी करते थे, उसमें 100 से 150 रुपए यह कह कर घटा दिया कि पार करने में जोखिम के साथ खर्च बढ़ गया है. इधर जिन लोगों को 1400 से 1600 रुपए तक बेचा करते थे, उन्हें जोखिम का हवाला देकर अब 1800 रुपए में बेच रहे हैं. रोजाना 4 से 5 ट्रिप का खेल करने वाले बिचोलिये धरपकड़ के बाद अब बमुश्किल 1 ट्रिप ही पार कर पा रहे हैं. इसलिए अब नए गणित से मुनाफे की जुगत में लगे हुए हैं.

एसडीएम ने किया चेकपोस्ट का निरीक्षण

देवभोग क्षेत्र में लगे 18 चेकपोस्ट में कर्मियों की तैनाती कर उन पर भी कलक्टर ने निगरानी के आदेश एसडीएम को दिया था. मंगलवार की रात सीमा पर निरीक्षण की जिम्मेदारी प्रशिक्षु आईएएस गरियाबन्द एसडीएम विश्वपदीप की थी. नायब तहसीलदार अभिषेक अग्रवाल के साथ रात 11 बजे से ढाई बजे तो विश्वदीप ने चेक पोष्ट का निरीक्षण किया.

नदारद मिले चेकपोस्ट के कर्मी

इस दौरान सर्वाधिक धान आवक की आशंका वाले खोखसरा, झिरीपानी, केंदुबन्द चेक पोस्ट में तैनात कर्मी नदारद मिले. सभी पोस्ट में एक कोटवार व 2 आरक्षक की तैनाती थी, पर इन तीन पोस्ट पर ड्यूटी में तैनात कर्मी नदारद थे. अभिषेश अग्रवाल ने कहा कि अफसरों को प्रतिवेदन भेजा गया है, जल्द कार्रवाई की जाएगी.

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धान तस्करों के साथ थी मिलीभगत

जिन तीन चेक पोस्ट से कर्मी नदारद मिले वहां से सुपेबेडा व दहिगांव के माहिर दो धान तस्करों के साथ मिली भगत की भी सूचना लगातार मिल रही थी. निरीक्षण के दौरान नदारत कर्मियों की इस हरकत ने सूचना की पुष्टि भी कर दी है. वहीं कैठपदर सीमा पर भी कोटवार के रिश्तेदार द्वारा बिचौलियों को पार कराने की सूचना है.

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