Sonia Gandhi jibe at Modi government: इस वक्त कांग्रेस की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी अपनी अपकमिंग बायोग्राफी को लेकर चर्चा में हैं। पिछले दिनों सोनिया गांधी ने इंस्टाग्राम पर ‘डेब्यू’ किया था। इंस्टाग्राम पर ‘डेब्यू’ पर सोनिया गांधी ने अपनी ऑटोबायोग्राफी ‘बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव’ (Belonging: A Journey of Love) की पहली झलक का वीडियो शेयर किया था। सोनिया गांधी ने मोदी सरकार पर निशाना साधा है। सोनिया गांधी ने केंद्र की भाजपा सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश के लोकतांत्रिक ढांचे, संस्थाओं और सामाजिक ताने-बाने को भारी नुकसान पहुंचा है। अब लोगों को इस नुकसान का एहसास होने लगा है। वे मौजूदा हालात को लेकर बेचैन हैं। सोनिया गांधी ने यह बातें अंग्रेजी अखबार द हिंदू को दिए इंटरव्यू में कहीं।

सोनिया गांधी ने म्मीद जताई कि सरकार बदलने के बाद देश में सुशासन की वापसी होगी। हालांकि लोकतांत्रिक संस्थाओं को फिर से मजबूत करने में समय और राजनीतिक दलों के सामूहिक प्रयास की जरूरत पड़ेगी।

सोनिया गांधी ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश के लोकतंत्र, संस्थाओं और सामाजिक ताने-बाने को गहरा नुकसान पहुंचा है। उन्हें लगता है कि अब आम लोग इस नुकसान को समझने लगे हैं और मौजूदा स्थिति को लेकर उनकी बेचैनी बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि सरकार बदलने के बाद भी लोकतांत्रिक व्यवस्था और संस्थाओं को पहले की तरह स्वस्थ बनाने में समय लगेगा। इसके लिए राजनीतिक दलों को गंभीरता से प्रयास करने होंगे। इसके बावजूद वह देश के भविष्य को लेकर आशावादी हैं। उन्हें भरोसा है कि लोग बेहतर शासन व्यवस्था की वापसी का स्वागत करेंगे।

चुनाव आयोग और मीडिया पर सरकार के नियंत्रण का आरोप
कांग्रेस की मौजूदा स्थिति पर सोनिया गांधी ने निराशा जताने के बजाय पार्टी के संघर्ष और मजबूती का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि केंद्र में मौजूदा सरकार आने के बाद से विपक्ष को चुनाव लड़ने के लिए समान अवसर नहीं मिल रहे हैं। सरकार का सभी संस्थाओं, खासकर चुनाव आयोग पर पूरा नियंत्रण है। मुख्यधारा का मीडिया भी उसके प्रभाव में है। इसके अलावा धनबल और धर्म के इस्तेमाल से राजनीतिक मुकाबले को प्रभावित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन परिस्थितियों के बावजूद कांग्रेस लगातार संघर्ष कर रही है। पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं ने हर तरह की चुनौतियों और उत्पीड़न का सामना किया है, लेकिन गांव से लेकर जिले तक वे संविधान में दिए गए मूल्यों की रक्षा के लिए डटे हुए हैं। सोनिया गांधी के अनुसार, हाल के महीनों में कई चुनावों में गड़बड़ी और चुनाव चोरी होने की बातें भी सामने आई हैं, जिससे लोग पहले से ज्यादा जागरूक हुए हैं।

भाजपा और आरएसएस से समझौता नहीं करेगी कांग्रेस
सोनिया गांधी ने राजनीतिक गठबंधनों को लेकर कहा कि राजनीति में कई बार समझौते करना जरूरी हो जाता है। कुछ मौकों पर ऐसे दलों के साथ भी हाथ मिलाना पड़ता है, जिनकी विचारधारा कांग्रेस से अलग होती है। हालांकि, ऐसे फैसले उन्हें कभी सहज नहीं लगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस ने भाजपा और आरएसएस के साथ कभी कोई समझौता नहीं किया है और भविष्य में भी ऐसा नहीं करेगी। उन्होंने भाजपा और आरएसएस की विचारधारा से कांग्रेस के अंतर को भी स्पष्ट किया। सोनिया गांधी के मुताबिक, पार्टी के कुछ नेताओं की राय धर्मनिरपेक्षता के मुद्दे पर बहुत स्पष्ट रुख नहीं अपनाने की रही है, लेकिन यह कांग्रेस की आधिकारिक सोच नहीं है।

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