Business Desk – Sugar Price Surge : त्योहारी सीजन से पहले Sugar Price में तेज उछाल ने आम परिवारों का बजट बिगाड़ दिया है। चीनी की कीमत एक महीने में 48 रुपए से बढ़कर 65.05 रुपए किलो पहुंच गई है। बढ़ती कीमत और सप्लाई के दबाव के बीच Quick Commerce प्लेटफॉर्म और बड़े रिटेल स्टोर्स ने खरीदारी की सीमा तय कर दी है। ब्लिंकिट पर एक बार में अधिकतम 5 किलो, जबकि स्विगी इंस्टामार्ट पर 1-1 किलो के दो पैकेट या 5 किलो का एक पैक खरीदा जा सकेगा।

महीनेभर में 35% से ज्यादा महंगी हुई चीनी

उपभोक्ता मामले विभाग के मुताबिक, 26 अगस्त को देश में चीनी की औसत खुदरा कीमत 65.05 रुपए किलो पहुंच गई। 26 जुलाई को यही कीमत 48 रुपए किलो थी। यानी सिर्फ 30 दिनों में चीनी 17.05 रुपए किलो महंगी हुई, जो 35.5% से ज्यादा की बढ़ोतरी है।

कीमतों में यह उछाल ऐसे समय आया है, जब रक्षाबंधन के बाद गणेशोत्सव, नवरात्रि और दिवाली जैसे त्योहार आने वाले हैं। इन दिनों मिठाइयों और चीनी से बनने वाले खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ती है।

किस ऐप या स्टोर पर कितनी लिमिट?

बढ़ती कीमतों के बीच कंपनियों ने प्रति ग्राहक खरीद की सीमा तय की है। ब्लिंकिट पर एक बार में अधिकतम 5 किलो चीनी खरीदी जा सकती है। स्विगी इंस्टामार्ट पर 1-1 किलो के दो पैकेट या 5 किलो का एक पैक लेने की अनुमति है। बिगबास्केट पर अलग-अलग ब्रांड मिलाकर अधिकतम 6 किलो चीनी खरीदी जा सकती है।

ऑफलाइन बाजार में डीमार्ट और रिलायंस रिटेल ने प्रति ग्राहक 2 से 3 किलो तक चीनी खरीदने की सीमा तय की है। प्रमुख चीनी ब्रांड्स के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, रिटेलर्स का मकसद जमाखोरी रोकना और ज्यादा से ज्यादा ग्राहकों के लिए स्टॉक उपलब्ध रखना है।

थोक बाजार में भी बढ़े दाम

चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी सिर्फ खुदरा बाजार तक सीमित नहीं है। थोक बाजार में कीमत करीब 45 रुपए किलो से बढ़कर 60.36 रुपए किलो तक पहुंच गई है। PIB के आंकड़ों के मुताबिक, 20 जुलाई से 20 अगस्त के बीच ही चीनी की कीमतों में करीब 16% की बढ़ोतरी हुई थी। अगस्त के आखिरी सप्ताह में इसमें और तेजी आई।

उत्पादन और स्टॉक को लेकर चिंता

कीमत बढ़ने के पीछे सबसे बड़ी चिंता Sugar Production और उपलब्ध स्टॉक को लेकर है। इंडियन शुगर एंड बायो-एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन यानी ISMA ने 2025-26 मार्केटिंग ईयर में एथेनॉल ब्लेंडिंग के बाद चीनी उत्पादन करीब 279 लाख टन रहने का अनुमान लगाया है।

देश में सालाना घरेलू खपत करीब 280 लाख टन है। सीजन की शुरुआत में करीब 50 लाख टन का ओपनिंग स्टॉक था। ऐसे में खपत के मुकाबले उत्पादन कम रहने की आशंका से Supply Pressure बढ़ गया है। ISMA के मुताबिक सितंबर के अंत तक देश में क्लोजिंग स्टॉक करीब 35 लाख टन रह सकता है। यह पिछले वर्षों के मुकाबले काफी कम स्तर माना जा रहा है।

त्योहारों से पहले बढ़ी आम परिवारों की चिंता

रक्षाबंधन, गणेशोत्सव, नवरात्रि और दिवाली के दौरान चीनी की मांग बढ़ती है। ऐसे में एक किलो चीनी पर 17 रुपए से ज्यादा की बढ़ोतरी सीधे घरेलू Monthly Budget पर असर डाल सकती है।

1 महीने में ऐसे बढ़ी चीनी की कीमत

26 जुलाई 2026 को चीनी की औसत खुदरा कीमत 48 रुपए प्रति किलो थी। 20 अगस्त को यह बढ़कर 55.70 रुपए प्रति किलो हो गई और 26 अगस्त को 65.05 रुपए प्रति किलो पहुंच गई। यानी सिर्फ एक महीने में कीमत में 17.05 रुपए प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है।