सोहराब आलम, मोतिहारी। ऐतिहासिक और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सुगौली विधानसभा क्षेत्र में इन दिनों राजनीतिक सरगर्मी काफी तेज हो गई है। हाल ही में, इंडिया गठबंधन के देशव्यापी और राज्यस्तरीय आह्वान के तहत सुगौली में एक विशाल विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया गया। इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य हालिया चुनावी प्रक्रिया में कथित वोट चोरी और एसआईआर (SIR) में हुई गड़बड़ियों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करना था। महागठबंधन के तमाम घटक दलों ने एकजुट होकर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

​सुगौली स्टेशन चौक पर उमड़ी भीड़ और तीखा विरोध

​बुधवार के दिन सुगौली का व्यस्त स्टेशन चौक राजनीतिक नारों और आक्रोश से गूंज उठा। राष्ट्रीय जनता दल (RJD), भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) और विभिन्न वाम दलों के सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता सुबह से ही एकत्र होने लगे थे। प्रदर्शनकारियों के हाथों में तख्तियां और बैनर थे, जिन पर लोकतंत्र की रक्षा और पारदर्शिता से जुड़े नारे लिखे हुए थे।
​विरोध प्रदर्शन के दौरान आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने देश के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का पुतला दहन किया। इस दौरान केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई, जिससे पूरा इलाका राजनीतिक नारों से पट गया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता पर आघात पहुंचाया जा रहा है, जिसे महागठबंधन किसी भी कीमत पर सहन नहीं करेगा।

​प्रमुख नेताओं की मौजूदगी

​इस प्रदर्शन में सुगौली विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक और कद्दावर नेता इंजीनियर शशि भूषण सिंह विशेष रूप से शामिल हुए। उन्होंने अपने संबोधन में सरकार और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता राजद के प्रखंड अध्यक्ष ताराचंद यादव और कांग्रेस के प्रखंड अध्यक्ष अशहाबुल होंदा अंसारी ने संयुक्त रूप से की।
​नेताओं ने मीडिया और जनता को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण और एसआईआर प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर धांधली की गई है। उनका दावा था कि इन कथित गड़बड़ियों के कारण आम मतदाताओं के लोकतांत्रिक अधिकार सीधे तौर पर प्रभावित हो रहे हैं और सुयोग्य मतदाताओं के नाम सूची से काटे जा रहे हैं। गठबंधन के नेताओं ने चुनाव आयोग को चेतावनी देते हुए पूरी प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता बरतने और सभी अनियमितताओं की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच कराने की पुरजोर मांग की।