सुपौल। जिले के प्रतापगंज थाना क्षेत्र में पोते की गोलीबारी से गंभीर रूप से घायल 75 वर्षीय बुजुर्ग लक्ष्मण पंडित ने आखिरकार जिंदगी की जंग हार 12वें दिन अस्पताल में दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है और पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।

​10 अक्टूबर की रात को हुआ था खूनी विवाद

​यह पूरी घटना 10 अक्टूबर की रात की है, जब प्रतापगंज थाना क्षेत्र के चिलौनी उत्तर पंचायत के वार्ड संख्या-14 स्थित पंडित टोला में उस समय अफरातफरी मच गई जब गोली चलने की आवाज गूंजी।
​प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुजुर्ग लक्ष्मण पंडित को उनके ही पड़ोस में रहने वाले रिश्ते के पोते सतीश पंडित ने किसी बात को लेकर गोली मार दी थी। गोलीबारी की इस अचानक हुई घटना में बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े। परिजनों ने बिना देर किए उन्हें तुरंत सहरसा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां पिछले 12 दिनों से उनकी जिंदगी बचाने के लिए डॉक्टरों की टीम लगातार प्रयास कर रही थी। हालांकि, तमाम कोशिशों के बावजूद गुरुवार रात करीब दो बजे उन्होंने इलाज के दौरान ही अंतिम सांस ली।

​ मृतक लक्ष्मण पंडित का फोटो

घर पहुंचते ही पसरा मातम

​शुक्रवार की सुबह जैसे ही लक्ष्मण पंडित का पार्थिव शरीर उनके पैतृक आवास पंडित टोला पहुंचा, वैसे ही घर-परिवार और रिश्तेदारों में कोहराम मच गया। परिजनों की चीख-पुकार से पूरा माहौल गमगीन हो गया। बुजुर्ग की मौत की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। घटना के बाद से पूरे गांव में शोक का माहौल बना हुआ है।

​चार लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ था मामला

​घटना के तुरंत बाद पीड़ित परिवार की ओर से प्रतापगंज थाने में लिखित आवेदन दिया गया था, जिसमें चार लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और नामजद आरोपियों में से जीरालाल पंडित और उसके पुत्र सतीश पंडित को गिरफ्तार कर पहले ही जेल भेज दिया था।
​वहीं, इस सनसनीखेज मामले में शामिल दो अन्य नामजद आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर और फरार चल रहे हैं। पुलिस का कहना है कि फरार चल रहे दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और जल्द ही उन्हें भी सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।

​पुलिस प्रशासन की तुरंत कार्रवाई और जांच

​घटना की सूचना मिलते ही प्रतापगंज थानाध्यक्ष रौशन कुमार तुरंत पुलिस बल के साथ पीड़ित बुजुर्ग के घर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने शोकाकुल परिजनों से मिलकर पूरी घटना की विस्तृत जानकारी ली और उन्हें हरसंभव न्याय दिलाने का भरोसा दिया। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है और मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है ताकि फरार आरोपियों को भी जल्द दबोचा जा सके।