रविंद्र भारद्वाज, रायबरेली. फेसबुक पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय सचिव सुशील पासी कुछ लोगों को समझाते हुए नजर आ रहे हैं. इस दौरान उन्होंने भाजपा सरकार पर शिक्षा और चुनावी व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए. पासी ने आरोप लगाया कि भाजपा के शासनकाल में स्कूल बंद हो रहे हैं, जबकि शराब के ठेके खोले जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि सरकार को शिक्षा और रोजगार जैसे मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए, न कि शराब की दुकानों की संख्या बढ़ाने पर.
सुशील पासी ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कहा कि महिलाओं, बुजुर्गों, गरीबों और दूसरे शहरों में काम करने वाले लोगों के नाम सूची से हटाए जा सकते हैं. उन्होंने कहा कि कई बार परिवार के सभी नाम हटाने के बजाय केवल एक या दो नाम हटाए जाते हैं, जिससे लोगों को तुरंत इसकी जानकारी नहीं हो पाती.पासी ने दावा किया कि यदि एक बूथ पर 50 नाम कम किए जाएं और किसी विधानसभा क्षेत्र में लगभग 400 बूथ हों, तो इसका असर करीब 20 हजार वोटों तक पहुंच सकता है. उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे चुनाव के दिन का इंतजार न करें और पहले ही मतदाता सूची में अपना नाम जांच लें.
इसे भी पढ़ें : भाजपा ही मुसीबत की जड़! कई स्मार्ट सिटी में जलभराव को लेकर अखिलेश यादव ने सरकार पर साधा निशाना, घेरते हुए कह दी बड़ी बात
सूची में नाम जोड़ने की प्रक्रिया पर सवाल
कांग्रेस नेता ने मतदाता सूची में नाम जोड़ने और सुधार की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि कई महिलाओं से उनके मायके की मतदाता सूची से जुड़ी जानकारी मांगी जाती है, जिससे गरीब और ग्रामीण परिवारों को परेशानी हो सकती है.पासी ने आशंका जताई कि भविष्य में मतदाता सूची में नाम होने को सरकारी योजनाओं, बच्चों के दाखिले और छात्रवृत्ति से जोड़ने का प्रयास किया जा सकता है. उन्होंने परिवार के सदस्यों के नाम अलग-अलग स्थानों पर दर्ज होने से मतदाताओं को होने वाली परेशानी का मुद्दा भी उठाया.


