योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में पुराने कर बकायों पर ब्याज और अर्थदंड माफी योजना-2026 को मंजूरी दी गई. बैठक में मीरजापुर और मुजफ्फरनगर में नई टाउनशिप विकसित करने के लिए 164.87 करोड़ रुपये देने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति मिली.

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में पुराने कर बकायों पर ब्याज और अर्थदंड से राहत देने के लिए ब्याज माफी योजना-2026 लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई. इस योजना के तहत बिक्री कर, व्यापार कर और वैट सहित विभिन्न पुराने कर कानूनों के अंतर्गत दर्ज बकायों के मामलों में व्यापारियों को राहत मिल सकेगी. बैठक में मीरजापुर और मुजफ्फरनगर में नई टाउनशिप विकसित करने के लिए 164.87 करोड़ रुपये की धनराशि देने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई.

तीन महीने मिलेगा लाभ

सरकार ने विधानसभा चुनाव से पहले व्यापारियों को राहत देने के उद्देश्य से यह योजना लागू करने का फैसला किया है. इसके तहत व्यापारियों को तीन महीने तक लाभ लेने का अवसर मिलेगा, लेकिन योजना का फायदा उठाने के लिए मूल बकाया राशि जमा करना अनिवार्य होगा.

यह योजना 31 दिसंबर 2025 तक विभिन्न कर कानूनों के तहत दर्ज बकायों पर लागू होगी. इसके दायरे में बिक्री कर अधिनियम-1948, केंद्रीय बिक्री कर अधिनियम-1956, आमोद एवं पणकर अधिनियम-1979, व्यापार कर अधिनियम-1995, प्रवेश कर अधिनियम-2007 और मूल्य संवर्धित कर अधिनियम-2008 के अंतर्गत आने वाले मामले शामिल हैं. मनोरंजन कर से संबंधित प्रकरणों को भी योजना में शामिल किया गया है.

पहले भी लागू हुई योजना

सरकार इससे पहले भी पुराने कर बकायों के निपटारे के लिए ऐसी योजनाएं लागू कर चुकी है. वर्ष 2020 में लाई गई योजना के तहत व्यापारियों के 60 करोड़ रुपये के ब्याज और अर्थदंड माफ किए गए थे, जबकि मूल धन के रूप में सरकारी खजाने में 125 करोड़ रुपये जमा हुए थे. वर्ष 2021 में भी इसी तरह की योजना लागू की गई थी.

पांच साल बाद कैबिनेट ने एक बार फिर ब्याज और अर्थदंड में राहत देने वाली योजना को मंजूरी दी है. इससे पुराने कर विवादों और बकाया मामलों का निपटारा करने का अवसर मिलेगा.

दो शहरों में नई टाउनशिप

कैबिनेट ने मीरजापुर-विंध्याचल और मुजफ्फरनगर में नई टाउनशिप विकसित करने के लिए कुल 164.87 करोड़ रुपये देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है. मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण/नये शहर प्रोत्साहन योजना के तहत भूमि अर्जन के लिए 115 करोड़ रुपये की पहली किस्त सीड कैपिटल के रूप में जारी की जाएगी.

आवास एवं शहरी नियोजन विभाग के विशेष सचिव राजेश कुमार राय के अनुसार, कुल स्वीकृत राशि में से 111.40 करोड़ रुपये मुजफ्फरनगर और 53.47 करोड़ रुपये मीरजापुर के लिए निर्धारित किए गए हैं. पहली किस्त में मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण को 75 करोड़ रुपये और मीरजापुर विकास प्राधिकरण को 40 करोड़ रुपये दिए जाएंगे.

भूमि अर्जन के लिए धनराशि

राज्य सरकार ने शहरी क्षेत्रों के नियोजित विकास और लोगों को आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण/नये शहर प्रोत्साहन योजना छह अप्रैल 2023 से लागू की है. इसके तहत संबंधित विकास प्राधिकरणों को भूमि अर्जन पर होने वाले खर्च का 50 प्रतिशत तक राज्य सरकार सीड कैपिटल के रूप में उपलब्ध कराती है. यह सहायता अधिकतम 20 वर्ष की अवधि के लिए दी जा सकती है.

योजना के लिए वित्तीय वर्ष में 3,500 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है. मुजफ्फरनगर में शेरनगर की 27.64 हेक्टेयर भूमि और मीरजापुर में नटवा तथा बहसी गांवों की 19.82 हेक्टेयर भूमि अर्जित कर टाउनशिप विकसित करने के लिए धनराशि स्वीकृत की गई है.