कुंदन कुमार, पटना। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महागठबंधन के आंदोलन की पूरी रूपरेखा देश और राज्य के सामने रखी। इस दौरान उनके साथ कांग्रेस नेता कपिल देव प्रसाद और विकासशील इंसान पार्टी (VIP) प्रमुख मुकेश सहनी भी मौजूद रहे। प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से विपक्ष ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े किए और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला।

​चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर तीखा हमला

​प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए तेजस्वी यादव ने केंद्र सरकार पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आज स्थिति ऐसी बना दी गई है कि मुख्य चुनाव आयुक्त के पद पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह जिसे चाहेंगे, वही बैठेगा। उन्होंने सवालिया लहजे में पूछा कि आखिर यह देश के किस संविधान और नियम का हिस्सा है? तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि बिहार और पश्चिम बंगाल के चुनाव फर्जी तरीके से कराए गए हैं। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि चुनाव आयोग अब पूरी तरह से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अनुषांगिक संगठन की तरह काम कर रहा है, जिसके खिलाफ अब चुप बैठना मुमकिन नहीं है।

​तीन दिवसीय विरोध प्रदर्शन की रूपरेखा

​सरकार और चुनाव आयोग की कार्यशैली के खिलाफ महागठबंधन ने आक्रामक तेवर अपनाते हुए बिहार की सड़कों पर उतरने का ऐलान किया है। तेजस्वी यादव ने विरोध प्रदर्शन के तीन दिवसीय कार्यक्रम की घोषणा की:

  • ​6 अक्टूबर (कल): महागठबंधन के सभी सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करेंगे।
  • ​7 अक्टूबर: राज्य के हर प्रखंड मुख्यालय पर मुख्य चुनाव आयुक्त, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ आक्रोश मार्च निकाला जाएगा।
  • ​8 अक्टूबर: महागठबंधन की ओर से जिला स्तर पर जोरदार धरना दिया जाएगा और इसी दिन पटना में ‘लोक भवन मार्च’ की घोषणा की गई है। इसके साथ ही, महागठबंधन का एक प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपेगा।