पटना। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव रक्षाबंधन के पावन अवसर पर अपने पूरे परिवार के साथ आज राजधानी दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं। इस पारिवारिक यात्रा में उनके साथ पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, राज्यसभा सांसद मीसा भारती और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव भी शामिल हैं। पटना से दिल्ली रवाना होने से पहले मीडिया से बातचीत के दौरान तेजस्वी यादव ने नेपाल में मची तबाही को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की और बिहार को लेकर एक बड़ा बयान दिया।
नेपाल के जल प्रलय पर जताई चिंता और बिहार के लिए सतर्कता
पटना से रवाना होने से ठीक पहले, तेजस्वी यादव ने पड़ोसी देश नेपाल में आई भीषण बाढ़ और जल प्रलय पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यह घटना बेहद डरावनी और खतरनाक है, जिसके वीडियो देखकर ही मन में दहशत पैदा हो जाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिहार की कई प्रमुख नदियां सीधे तौर पर नेपाल से होकर बहती हैं, इसलिए नेपाल में होने वाली भारी बारिश और तबाही का सीधा असर बिहार पर भी पड़ सकता है। इसे ध्यान में रखते हुए उन्होंने बिहार सरकार और आम जनता को पूरी तरह सतर्क रहने की आवश्यकता पर जोर दिया।
जातीय जनगणना और आरक्षण के मुद्दे पर केंद्र सरकार पर हमला
इस दौरान तेजस्वी यादव ने केंद्र सरकार की नीतियों और फैसलों पर भी तीखा हमला बोला। देश में जातीय जनगणना कराने के केंद्र के फैसले पर कांग्रेस द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि जातीय जनगणना करवाना हमेशा से उनकी पार्टी (RJD) की प्रमुख और पुरानी मांग रही है।
उन्होंने आगे याद दिलाया कि जब बिहार में उनकी पार्टी गठबंधन सरकार का हिस्सा थी, तब राज्य स्तर पर जातीय सर्वे कराया गया था। इस सर्वे के पुख्ता आंकड़ों के आधार पर ही समाज के विभिन्न वर्गों के उत्थान के लिए आरक्षण के दायरे को बढ़ाया गया था। हालांकि, उन्होंने केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने इस बढ़े हुए आरक्षण के प्रावधान को अब तक संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल नहीं किया है, जिससे इसे कानूनी सुरक्षा मिल सके। तेजस्वी ने दोटूक शब्दों में कहा कि उनकी पार्टी इस मांग को लेकर लगातार संघर्ष करती रही है, लेकिन केंद्र ने इस संवेदनशील दिशा में कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया है।


