कुंदन कुमार/ पटना। बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने केंद्र की भाजपा सरकार और बिहार के वर्तमान नेतृत्व पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने महिला आरक्षण विधेयक से लेकर बिहार के विकास के मुद्दों पर सरकार को कटघरे में खड़ा किया।

​महिला आरक्षण में ‘कोटे के अंदर कोटा’ की मांग

​तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि महिला आरक्षण विधेयक के जरिए केंद्र सरकार भाजपा और आरएसएस के एजेंडे को थोपने की कोशिश कर रही थी, जिसे विपक्ष ने नाकाम कर दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि महिला आरक्षण में ‘कोटे के अंदर कोटा’ की व्यवस्था क्यों नहीं है? ओबीसी (OBC) महिलाओं को उनके हक से वंचित क्यों रखा जा रहा है? तेजस्वी ने कहा कि परिसीमन की आड़ में बाबा साहेब के संविधान को बदलने की साजिश रची जा रही है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

​सम्राट चौधरी पर तंज और विकास का सवाल

​मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना साधते हुए तेजस्वी ने उन्हें ‘सिलेक्टेड’ मुख्यमंत्री करार दिया। उन्होंने कहा कि जो कभी मुख्यमंत्री को हटाने की बात करते थे, आज खुद उन्हीं की गोद में जा बैठे हैं। तेजस्वी ने पूछा कि कैबिनेट में जनहित का कौन सा बड़ा फैसला लिया गया है? क्या केवल प्रेस रिलीज जारी करना ही सरकार चलाना है?

​बेरोजगारी और नीति आयोग की रिपोर्ट पर घेरा

​तेजस्वी ने सरकार को उनके पुराने वादों की याद दिलाते हुए कहा:

  • ​1 करोड़ युवाओं को नौकरी देने का वादा कब पूरा होगा?
  • ​बिहार के सभी जिलों में फैक्ट्रियां कब खुलेंगी?
  • ​नीति आयोग की रिपोर्ट में बिहार पिछड़ रहा है, इसे 5वें नंबर पर लाने का क्या रोडमैप है?
  • ​उन्होंने अंत में चेतावनी दी कि सरकार जनता को यह बताए कि बिहार का खजाना खाली है या नहीं, और विकास के लिए क्या ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।