हजारीबाग। झारखंड में भर्ती परीक्षाओं की व्यवस्था में सुधार और पारदर्शिता की मांग को लेकर शुरू हुई भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा मंगलवार को हजारीबाग पहुंची। देवेंद्रनाथ महतो के नेतृत्व में 24 अगस्त को रामगढ़ के नेमरा गांव से शुरू हुई इस यात्रा का रात्रि विश्राम हजारीबाग में हुआ। इसके बाद टीम चतरा के लिए रवाना हो गई।

हजारीबाग में देवेंद्रनाथ महतो ने राज्य सरकार को उसके वादों की याद दिलाते हुए कहा कि छात्रों से किए गए वादों को पूरा किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यात्रा को राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए।

‘भर्ती व्यवस्था में सुधार के मुद्दे पर हो राजनीति’

देवेंद्रनाथ महतो ने कहा कि यह आंदोलन छात्रों ने शुरू किया है। अब इसे गांव-गांव तक ले जाकर छात्रों के साथ उनके अभिभावकों को भी जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि यात्रा का उद्देश्य किसी राजनीतिक दल का विरोध करना नहीं, बल्कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित कराना है।

उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का सम्मान है, लेकिन राज्य सरकार ने छात्रों से जो वादे किए हैं, उन्हें पूरा करना भी उसकी जिम्मेदारी है।

सरकार बेहतर तरीके से रखे छात्रों का पक्ष

यात्रा में शामिल हजारीबाग निवासी राजेश प्रसाद ने कहा कि छात्र सुप्रीम कोर्ट और झारखंड हाईकोर्ट के आदेशों का सम्मान करते हैं। उनका कहना है कि सरकार को मजबूत कानूनी टीम के माध्यम से अदालत में अपना पक्ष रखना चाहिए।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने छात्रों के साथ वादाखिलाफी की तो आंदोलन को राज्यव्यापी रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो पूरे झारखंड में चक्का जाम किया जाएगा।

15 सितंबर की सुनवाई पर रहेगी नजर

भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा के आयोजकों की नजर अब 15 सितंबर को होने वाली अहम न्यायिक सुनवाई पर है। देवेंद्रनाथ महतो ने संकेत दिया कि यदि सरकार छात्रों के पक्ष को अदालत के सामने मजबूती से नहीं रखती है, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

यात्रा के दौरान छात्रों और अभिभावकों से संवाद कर भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी समस्याओं और उनकी मांगों को सामने लाने की कोशिश की जा रही है। मंगलवार शाम हजारीबाग के गांधी मैदान में सभा भी प्रस्तावित है।