चीन के बाद भारतीय कार्गो जहाज भी होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने लगे हैं। ट्रैकिंग डेटा से पता चला है कि भारत के दो कार्गो जहाज पुष्पक और अब परिमल इस व्यापारिक मार्ग से पूरी रफ्तार के साथ गुजर रहे हैं। इससे पहले ईरान ने सिर्फ चीन के कार्गो जहाजों को ही इस रास्ते से गुजरने की मंजूरी दी थी। लेकिन अब जबकि दो भारतीय जहाज इस रास्ते में हैं तो ऐसा लग रहा है कि भारत और ईरान के बीच कोई समझौता हो गया है या फिर ये दोनों जहाज अपने रिस्क पर इस रास्ते से गुजर रहे हैं। इस व्यापारिक मार्ग को फिलहाल ‘मौत का मुंह’ कहा जा रहा है।

पहले पुष्पक और अब परिमल को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरते देखा जा रहा है। इस व्यापारिक मार्ग को फिलहाल ‘मौत का मुंह’ कहा जा रहा है। इसीलिए माना जा रहा है कि या तो ईरान के साथ भारत का कोई सीक्रेट समझौता हो गया है या फिर इन दोनों जहाजों ने बहुत बड़ा रिस्क लिया है।

मीडिया को भारतीय नौसेना के सूत्रों ने बताया था कि 25 फरवरी को मिलन अभ्यास खत्म हो गया था और उसके बाद ये युद्धपोत निकल गया था। 28 फरवरी को इजरायल-अमेरिका ने ईरान पर हमला किया था और 4 मार्च को ईरानी युद्धपोत पर श्रीलंका के पास हमला किया गया था। नौसेना सूत्रों ने कहा कि ये हमला मिलन अभ्यास खत्म होने के बाद 8 दिनों के बाद किया गया था और वो हिंद महासागर के अंतर्राष्ट्रीय जल में था और बिना ईरान के अनुरोध के भारत उसे एस्कॉर्ट नहीं कर सकता था।

होर्मुज से भारतीय जहाजों के गुजरने की रिपोर्ट उस वक्त आई है जब भारत और ईरान के विदेश मंत्रियों के बीच टेलीफोन पर बातचीत हुई है। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने भारत के विदेश मंत्री सुब्रह्मण्यम जयशंकर से टेलीफोन पर बात की थी।

होर्मुज स्ट्रेट से उस वक्त भारतीय कार्गो जहाज गुजर रहे हैं जब ईरान की इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने चेतावनी देते हुए कहा है कि वो अमेरिका का इंतजार कर रहे हैं। रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कहा है कि वे US सेना के होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों को एस्कॉर्ट करने का इंतजार कर रहे हैं। अमेरिका ने कहा है कि वो इस व्यापारिक मार्ग से गुजरने वाले जहाजों को सुरक्षा प्रदान करेगा। इसी को लेकर IRGC ने ये नई चेतावनी जारी की है।

ईरान समर्थित हूती विद्रोही इन समुद्री रास्तों में जहाजों पर हमले कर रहे हैं ऐसे में हो सकता है कि ईरान ने भारत को आश्वासन दिया हो कि “भारतीय झंडे” वाले जहाजों को निशाना नहीं बनाया जाएगा। यही वजह है कि ये जहाज बिना डरे वहां से निकल रहे हैं। मीडिया ने भारत सरकार के सरकारी सूत्रों के हवाले से शुक्रवार को दावा किया कि भारत ने एक ईरानी जहाज को कोच्चि में डॉक करने की इजाजत दी है।

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