Automobile Desk : कृषि क्षेत्र में मॉडर्न टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से खेती-किसानी का तरीका तेजी से बदल रहा है। अब तक भारतीय और वैश्विक बाजारों में भारी भरकम डीजल से चलने वाले ट्रैक्टरों का दबदबा रहा है, जिनकी वजह से किसानों को ईंधन पर बड़ा खर्च करना पड़ता है। हालांकि, टेक्नोलॉजी में हो रहे लगातार बदलावों के कारण अब बाजार में ऐसे विकल्प सामने आ रहे हैं, जो प्रदूषण मुक्त होने के साथ-साथ ईंधन के खर्च को भी लगभग खत्म कर देते हैं। इसी क्रम में अमेरिकी टेक कंपनी गोसन ने एक नया ऑल-इलेक्ट्रिक सोलर ट्रैक्टर पेश किया है, जिसे मूनराइडर 27 नाम दिया गया है। यह ट्रैक्टर पारंपरिक डीजल वाहनों के मुकाबले बेहद कम लागत में काम करने की क्षमता रखता है।

इस नए Solar Tractor की सबसे बड़ी खासियत इसकी चार्जिंग व्यवस्था है। इसमें विशेष तौर पर फोल्डेबल सोलर पैनल लगाए गए हैं, जिन्हें जरूरत के हिसाब से हटाया या जोड़ा जा सकता है। जब यह ट्रैक्टर धूप में खड़ा होता है या खेत में जुताई का काम कर रहा होता है, तो इसके सोलर पैनल सूरज की रोशनी से लगातार ऊर्जा खींचकर बैटरी को चार्ज करते रहते हैं। इस वजह से किसान को इसे बार-बार बिजली के सॉकेट से जोड़ने की आवश्यकता नहीं पड़ती। बिना ग्रिड पावर पर निर्भर रहे, यह मशीन धूप की मदद से लंबे समय तक काम करने में सक्षम है।

प्रदर्शन की बात करें तो इसमें 24 Kw/h क्षमता की लिथियम आयन फॉस्फेट बैटरी दी गई है, जो 27 हॉर्सपावर की ताकत पैदा करती है। यह फोर-व्हील ड्राइव तकनीक के साथ आता है, जिससे इसे उबड़-खाबड़ और कीचड़ भरे खेतों में भी आसानी से चलाया जा सकता है। इसमें दिए गए इलेक्ट्रिक मोटर की वजह से चालक को तुरंत टॉर्क मिलता है, जिससे भारी वजन खींचना या कठोर जमीन पर हल चलाना आसान हो जाता है। कंपनी का दावा है कि एक बार पूरा चार्ज होने पर यह बिना रुके लगभग 5 घंटे तक लगातार काम कर सकता है। अगर इसे 220 वोल्ट के एसी चार्जर से चार्ज किया जाए, तो ढाई घंटे में ही इसकी बैटरी 80% तक भर जाती है।

छोटे और मध्यम आकार के खेतों को ध्यान में रखकर इस ट्रैक्टर की बनावट काफी व्यावहारिक रखी गई है। इसका वजन लगभग 1095 किलोग्राम है और इसमें 270 mm का ग्राउंड क्लीयरेंस दिया गया है। संकरी जगहों और खेतों की मेड़ों पर आसानी से मुड़ने के लिए इसका टर्निंग रेडियस महज 1.4 मीटर रखा गया है। इसके अलावा, डीजल इंजन न होने की वजह से इसमें से न तो धुआं निकलता है और न ही तेज आवाज होती है, जिससे पर्यावरण और किसान दोनों की सेहत सुरक्षित रहती है।

इस मशीन का एक और उपयोगी पहलू यह है कि यह केवल खेती तक सीमित नहीं है। इसमें दिए गए पावर आउटलेट की मदद से इसे एक चलते-फिरते पावर बैंक की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है। बिजली न होने की स्थिति में किसान इसके बैटरी बैकअप से वॉटर पंप, कटर या अन्य बिजली उपकरण आसानी से चला सकते हैं।

कीमत के लिहाज से वैश्विक बाजार में इसे लगभग 19,995 डॉलर पर पेश किया गया है। कंपनी ने इसकी बुकिंग प्रक्रिया शुरू कर दी है और इसे आयोवा में आयोजित होने वाले कृषि मेले में प्रदर्शित किया जाएगा। बाजार में ग्राहकों तक इसकी सीधी डिलीवरी वर्ष 2027 से शुरू होने की उम्मीद जताई गई है।