चंडीगढ़: हरियाणा पुलिस ने सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन करने और अश्लील कंटेंट परोसने वालों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस महानिदेशक (DGP) अजय सिंघल ने साफ कर दिया है कि प्रदेश में गन कल्चर और समाज को गुमराह करने वाली किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
100 दिन में हजारों लिंक पर चला डंडा
हरियाणा पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल 1 जनवरी से 10 अप्रैल के बीच कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाले कुल 6,083 यूआरएल (URL), ऐप्स और वेबसाइट्स को इंटरनेट से हटवाया गया है। इसमें फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे बड़े प्लेटफॉर्म शामिल हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार समाज में सकारात्मक माहौल बनाए रखने के लिए यह सख्त कदम उठा रही है।
कहां-कहां से हटाए गए कितने लिंक?
सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर पुलिस की पैनी नजर रही। ऐसे ें मेटा (फेसबुक, इंस्टाग्राम, वॉट्सएप): 4,278 लिंक, यूट्यूब 1,172 वीडियो और चैनल बंद हुए, X (पूर्व में ट्विटर): 372 अकाउंट्स पर कार्रवाई हुई। टेलीग्राम से 53, रेडिट से 36 और स्नैपचैट से 5 कंटेंट हटाए गए।
हथियारों का महिमामंडन और अश्लीलता पर रोक
DGP ने चेतावनी दी है कि जो लोग गन कल्चर, हिंसा को बढ़ावा देने वाला कंटेंट या महिलाओं और बच्चों के प्रति अभद्र चित्रण करेंगे, उन्हें किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि कुछ लोग हरियाणा और हरियाणवी समाज की गलत छवि पेश करने के लिए फर्जी कंटेंट का सहारा ले रहे हैं, जिससे प्रदेश की शांति और भाईचारा खतरे में पड़ता है।
‘सकारात्मक हरियाणा’ पर जोर
अजय सिंघल ने कहा कि हरियाणा के लोग शांतिप्रिय और मेहनती हैं। कृषि, सेना, उद्योग और खेल जैसे क्षेत्रों में प्रदेश का डंका बजता है। ऐसे में चंद लोग अपनी भ्रामक प्रस्तुति से राज्य की छवि खराब नहीं कर सकते। उन्होंने युवाओं और कंटेंट क्रिएटर्स से अपील की है कि वे सोशल मीडिया का इस्तेमाल जिम्मेदारी के साथ करें और समाज में सकारात्मक संदेश फैलाएं।
पुलिस साइबर मॉनिटरिंग होगी और तेज
पुलिस की इस कार्रवाई से उन लोगों में खौफ बढ़ेगा जो केवल व्यूज और ‘लाइक्स’ के चक्कर में अवैध हथियारों या भड़काऊ भाषा का इस्तेमाल करते हैं। आने वाले दिनों में पुलिस साइबर मॉनिटरिंग को और तेज करेगी, जिससे युवाओं को अपराधी बनने से रोका जा सके और प्रदेश की सांस्कृतिक गरिमा बनी रहे।

