मुंगेली। छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले के ग्राम दशरंगपुर में तेज रफ्तार महिंद्रा वाहन की टक्कर से विधायक मोहले के भाई समेत तीन लोगों की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। घटना को अंजाम देने के बाद फरार हुए चार आरोपियों को पुलिस ने रायगढ़-ओडिशा बॉर्डर से गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने जानबूझकर तेज रफ्तार और खतरनाक तरीके से वाहन चलाया था। हादसे के बाद पहचान छिपाने के लिए वाहन में भी बदलाव किया गया। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त महिंद्रा वीरों वाहन को जब्त कर चारों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।

पुलिस के अनुसार, 15 अक्टूबर 2026 की सुबह करीब 6 से 6:15 बजे ग्राम दशरंगपुर के मुख्य मार्ग पर सड़क किनारे खड़े तीन लोगों को सफेद रंग की महिंद्रा वीरों वाहन क्रमांक WB 25 Z 5623 ने टक्कर मार दी थी। हादसे में विधायक के भाई अधीनदास मोहले (65 वर्ष) और बल्लू बघेल (56 वर्ष), दोनों निवासी दशरंगपुर तथा गंगाराम टंडन निवासी भाठापारा (रेहुंटा), जिला मुंगेली की मौत हो गई थी। घटना के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मर्ग जांच शुरू की और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान तथा घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई।

जानबूझकर विपरीत दिशा में वाहन चलाने का आरोप

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि वाहन चालक ने विपरीत दिशा में तेज रफ्तार और खतरनाक तरीके से वाहन चलाते हुए तीनों को टक्कर मारी थी। पुलिस के मुताबिक, वाहन में सवार अन्य लोगों ने भी चालक को तेज गति से गाड़ी चलाने के लिए कहा था। मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105 और मोटर वाहन अधिनियम की धारा 184 के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की। बाद में साक्ष्य मिटाने और आरोपियों की साझा भूमिका से संबंधित धाराएं भी जोड़ी गईं।

रायगढ़-ओडिशा बॉर्डर से पकड़े गए चारों आरोपी

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के निर्देश पर आरोपियों की तलाश के लिए विशेष टीम गठित की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवनीत कौर छाबड़ा और एसडीओपी आशीष अरोरा के मार्गदर्शन में थाना जरहागांव पुलिस तथा मुंगेली साइबर टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों का पीछा किया। जांच में पता चला कि आरोपी रायगढ़ से ओडिशा और पश्चिम बंगाल की ओर भाग रहे हैं। इसके बाद पुलिस टीम ने रायगढ़ पुलिस की साइबर टीम की मदद से ओडिशा बॉर्डर के पास महिंद्रा वीरों वाहन को रोककर चालक सहित चारों आरोपियों को हिरासत में ले लिया।

खून के निशान मिटाने और पहचान छिपाने की कोशिश

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी 14 अक्टूबर को बकरी खरीदने के लिए मुंगेली आ रहे थे। 15 अक्टूबर की सुबह दशरंगपुर पहुंचने पर वाहन नबजीत दास चला रहा था। उसके साथ अनंता विश्वास, कानु विश्वास और सौरव मल्लिक भी वाहन में सवार थे। पुलिस के अनुसार, हादसे के बाद आरोपी वाहन लेकर फरार हो गए। इसके बाद वाहन पर लगे खून के निशान साफ करने और पहचान छिपाने के उद्देश्य से उसके बोनट को तोड़कर फेंक दिया गया। पुलिस ने वाहन को जब्त कर मामले में साक्ष्य जुटाए हैं।

पश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं चारों आरोपी

नबजीत दास (24 वर्ष): वाहन चालक, निवासी कंकपुल कलंगढ़, थाना अशोकनगर, जिला नॉर्थ 24 परगना, पश्चिम बंगाल।
अनंता विश्वास (31 वर्ष): निवासी कंकपुल कलंगढ़, थाना अशोकनगर, जिला नॉर्थ 24 परगना, पश्चिम बंगाल।
कानु विश्वास (57 वर्ष): निवासी कंकपुल कलंगढ़, थाना अशोकनगर, जिला नॉर्थ 24 परगना, पश्चिम बंगाल।
सौरव मल्लिक (30 वर्ष): निवासी तरुण पल्ली, पश्चिम बंगाल।

चारों आरोपियों को 16 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया और 17 अक्टूबर 2026 को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। इस कार्रवाई में थाना जरहागांव पुलिस, मुंगेली साइबर टीम और रायगढ़ पुलिस की साइबर टीम की अहम भूमिका रही। पुलिस मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है।

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