अमित पाण्डेय, खैरागढ़। खैरागढ़ जिले में बिक रहे पान मसाला को लेकर खाद्य एवं औषधि विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच में पानराज पान मसाला और सितार पान मसाला के नमूने असुरक्षित पाए गए हैं। इसके बाद प्रशासन ने दोनों उत्पादों की बिक्री, भंडारण और वितरण पर तत्काल रोक लगा दी है। मामला 22 अप्रैल 2026 को लिए गए नमूनों का है। खाद्य एवं औषधि विभाग ने दोनों उत्पादों के नमूने जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, कालीबाड़ी रायपुर भेजे थे। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोनों उत्पादों को असुरक्षित पाए जाने पर कार्रवाई की गई।

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पान राज केसर युक्त पान मसाला के 128 ग्राम के पैकेट की जांच में कुल राख की मात्रा 9.62 प्रतिशत मिली। पान मसाला के लिए तय मानक में इसकी अधिकतम सीमा 8 प्रतिशत है।इसी तरह ऐसी राख, जो पतले हाइड्रोक्लोरिक अम्ल में घुलती नहीं है, उसकी मात्रा 0.60 प्रतिशत मिली, जबकि निर्धारित सीमा 0.5 प्रतिशत है। जांच रिपोर्ट में मैग्नीशियम की मात्रा 0.34 प्रतिशत और कार्बोनेट से जुड़े परीक्षण का भी उल्लेख है। इन परीक्षण परिणामों के आधार पर नमूने को असुरक्षित माना गया।

सिर्फ बिक्री नहीं, भंडारण पर भी रोक

प्रशासन की कार्रवाई सिर्फ दुकान से बेचने तक सीमित नहीं है। दोनों उत्पादों की बिक्री के साथ-साथ भंडारण और वितरण पर भी रोक लगाई गई है। यानी दुकानदार इन दोनों ब्रांड का माल न तो बेच सकते हैं और न ही बिक्री के लिए स्टॉक में रख सकते हैं। इनकी एक जगह से दूसरी जगह आपूर्ति करना भी प्रतिबंधित रहेगा। अब प्रशासन के सामने बाजार में मौजूद इन उत्पादों का स्टॉक हटाने और प्रतिबंध के बाद इनकी बिक्री पूरी तरह रोकने की जिम्मेदारी होगी।

आम आदमी के लिए क्यों गंभीर है पान मसाला?

यहां एक बात समझना जरूरी है। किसी नमूने के असुरक्षित पाए जाने का मतलब यह नहीं है कि उस उत्पाद को खाने वाले हर व्यक्ति को बीमारी होगी। लेकिन इसका मतलब यह जरूर है कि जांच किया गया नमूना खाद्य सुरक्षा के तय मानकों पर खरा नहीं उतरा। दूसरी ओर, पान मसाले में इस्तेमाल होने वाली सुपारी को लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञ पहले से गंभीर चेतावनी देते रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन की कैंसर संबंधी शोध संस्था ने सुपारी को कैंसरकारी पदार्थ माना है। इसका लगातार सेवन मुंह के कैंसर के खतरे से जुड़ा है,यानी सिर्फ यह सोचकर पान मसाले को सुरक्षित नहीं माना जा सकता कि इसमें तंबाकू नहीं है।

अगर पान मसाले के साथ तंबाकू का सेवन किया जाता है तो जोखिम और बढ़ जाता है। तंबाकू में मौजूद निकोटीन लत पैदा करता है और लंबे समय तक सेवन मुंह और गले के कैंसर समेत कई गंभीर बीमारियों के खतरे से जुड़ा है। सुपारी और तंबाकू का लगातार सेवन मुंह में सफेद या लाल धब्बे, मसूड़ों की बीमारी और मुंह का कम खुलना जैसी गंभीर समस्याएं पैदा कर सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की कैंसर शोध संस्था के अनुसार 2022 में दुनिया भर में 1.20 लाख से ज्यादा मुंह के कैंसर के मामले धुआंरहित तंबाकू और सुपारी के सेवन से जुड़े थे। भारत में भी ऐसे मामलों की संख्या बड़ी है।

खैरागढ़ में प्रशासन ने जांच के बाद दोनों ब्रांड पर रोक लगा दी है, लेकिन अब बड़ा सवाल यह है कि पान राज और सितार पान मसाला का कितना माल बाजार में पहुंच चुका है, और कितने समय से इसकी बिक्री हो रही थी। साथ ही यह भी देखना होगा कि रोक के बाद जिले की दुकानों में इन दोनों उत्पादों का कोई स्टॉक बचा है या नहीं और कहीं चोरी-छिपे इनकी बिक्री तो नहीं हो रही। फिलहाल प्रशासन की कार्रवाई के बाद पान राज सैफ्रॉन ब्लेंडेड पान मसाला और सितार पान मसाला की बिक्री, भंडारण और वितरण प्रतिबंधित है। खाद्य सुरक्षा से जुड़ी इस कार्रवाई ने जिले में बिकने वाले दूसरे पान मसाला उत्पादों की जांच और निगरानी को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

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