प्रदीप मालवीय, उज्जैन। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह की सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा मंगलवार को उज्जैन से शुरू हो गई। यात्रा के आरंभ से पहले दिग्विजय सिंह पत्नी के साथ कार्यक्रम स्थल पहुंचे और पार्थिव शिवलिंग निर्माण में शामिल हुए। इससे पहले उन्होंने भगवान चिंतामन गणेश और बाबा महाकाल के दर्शन कर आशीर्वाद लिया और यात्रा की सफलता की कामना की।

इस दौरान दिग्विजय सिंह ने विजयादशमी के पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज का दिन अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है। भगवान श्रीराम ने अधर्म पर विजय प्राप्त की थी। उन्होंने कहा कि हम सभी को इस पावन पर्व की शुभकामनाएं देते हुए यह प्रयास करना चाहिए कि देश में सनातन परंपराओं और उनके सही उपदेशों का पालन हो। दिग्विजय सिंह ने भाजपा की ओर से उनकी यात्रा को नौटंकी बताए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें अपनी बात कहने का पूरा अधिकार है।

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उन्होंने कहा कि उनकी यात्रा का उद्देश्य धर्म के नाम पर हो रहे दुरुपयोग के खिलाफ आवाज उठाना है। दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि धर्म को बेचकर उसका दुरुपयोग किया जा रहा है। राम मंदिर में चंदा चोरी और चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं के खिलाफ यह यात्रा निकाली जा रही है।

दिग्विजय सिंह की यह यात्रा उज्जैन से अयोध्या तक जाएगी। करीब 70 दिन में 930 किलोमीटर यात्रा चलेगी। एक दिन में 15 किलोमीटर यात्रा का मार्ग तय होगा। यात्रा के जरिए राम मंदिर ट्रस्ट में कथित अनियमितताओं की जांच, जवाबदेही और पारदर्शिता सहित विभिन्न मांगें उठाई जा रही हैं। दिग्विजय सिंह पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि उनके अनुसार यह यात्रा राजनीतिक नहीं, बल्कि धार्मिक आस्था और जवाबदेही से जुड़े मुद्दों को उठाने का प्रयास है।

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