प्रदीप मालवीय, उज्जैन। धार्मिक नगरी उज्जैन के नागझिरी थाना क्षेत्र अंतर्गत महालक्ष्मीनगर में दबंगई और गुंडागर्दी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां सीवरेज लाइन बिछा रही कंपनी के कर्मचारियों और अधिकारियों पर एक स्थानीय रहवासी तलवार लेकर हमला करने दौड़ पड़ा। आरोपी खुद को सत्ताधारी दल के एक बड़े नेता का करीबी बता रहा था। बुधवार शाम करीब 4 बजे हुई इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।
सीवरेज चैंबर गहरा करने की जिद, मना करने पर निकाली तलवार
जानकारी के अनुसार, जीपी पटेल सीवरेज कंपनी के सुपरवाइजर दिव्यांशु देवकुल और इंजीनियर दिनेश यादव महालक्ष्मीनगर में सीवरेज लाइन डलवाने और चैंबर बनाने का काम करवा रहे थे। इसी दौरान क्षेत्र का निवासी रवींद्र सिंह गौर वहां पहुंचा। उसने खुद को बड़े नेता का खास बताते हुए सीवरेज चैंबर को सड़क से नीचे करने और लाइन को सीधे अपने घर के अंदर कनेक्ट करने का दबाव बनाया। जब इंजीनियर और सुपरवाइजर ने नियमानुसार ऐसा करने से इंकार किया, तो आरोपी अचानक घर के अंदर से खुली तलवार निकाल लाया और कर्मचारियों को जान से मारने की नीयत से दौड़ा लिया।
थाने पहुंची पीड़ित टीम, पुलिस ने नहीं लिखी एफआईआर
घटना के बाद सहमे हुए कंपनी के कर्मचारी और अधिकारी तुरंत शिकायत दर्ज कराने नागझिरी थाने पहुंचे। हालांकि, आरोप है कि पुलिस ने पीड़ित कर्मचारियों की रिपोर्ट दर्ज नहीं की। इसी बीच आरोपी रवींद्र सिंह गौर भी अपने परिवार के साथ थाने पहुंच गया और महिलाओं को आगे कर उलटा शिकायत दर्ज कराने का पुलिस पर दबाव बनाने लगा।
निगम और कंपनी कर्मचारियों में आक्रोश
पुलिस की ढुलमुल कार्यप्रणाली और एफआईआर न लिखे जाने से नाराज होकर नगर निगम और सीवरेज कंपनी के कर्मचारी थाने से लौट गए। मामले में इंजीनियर दिनेश यादव ने कड़ा ऐतराज जताते हुए सवाल उठाया कि यदि इस हमले में तलवार से कोई कर्मचारी घायल हो जाता या किसी की जान चली जाती, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होती? वीडियो वायरल होने के बाद भी पुलिस का कार्रवाई न करना कई बड़े सवाल खड़े कर रहा है।
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