देहरादून. पूर्व सीएम हरीश रावत ने भाजपा की नेत्री मंत्री की संपत्ति को लेकर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा कि 210 करोड़ की संपत्ति, वह भी 5-7 वर्षों के अंदर अर्जित करना अपने आप में आश्चर्यजनक है और शायद इतनी तेजी से एलन मस्क, अदानी और अंबानी की ही संपत्ति बढ़ती होगी. जिस अनुपात में भाजपा की नेत्री मंत्री की संपत्ति बढ़ी है और ये खुलासा किसी और ने नहीं बल्कि उनके पतिदेव ने किया है. उन्होंने बहुत सही कहा कि उनकी कथनी और करनी में कोई अंतर नहीं है. हमारी सरकार पर दबाव बना रहे थे, दबाव नहीं बना, तो भाजपा में गच्छम-गच्छम हो गए. अब वहां हैं जितना कह रहे थे, उतना कर रहे हैं और कमा रहे हैं. बंटी-बबली की इस जोड़ी ने उत्तराखंड को कितना लूटा, इसका आंकलन तो भविष्य में होगा ही.
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आगे उन्होंने कहा कि भाजपा के लोग मेरे खिलाफ स्टिंग-स्टिंग की राजनीति करते हैं. मैं उन्हें चुनौती देकर के कहना चाहता हूं कि वह सिद्ध करें कि स्टिंग में कोई लेन-देन हुआ है. एक व्यक्ति पत्रकार का बाना पहनकर मेरी सरकार को बचाने के दावे कर रहा था. जब पैसे की बात आई तो मैंने साफ-साफ कह दिया कि मेरे पास कुछ भी नहीं है. वह व्यक्ति खुद ही मेरा सगा बनकर पैसे देने की बात करने लगा. यदि कोई व्यक्ति ताजमहल या चांदनी चौक खरीद कर देने की बात कर रहा है, तो मैंने कह दिया कि जब खरीद लोगे तब मेरे पास आना और ब्याज सहित लौटा दूंगा.
आगे हरीश रावत ने कहा कि मुझे मालूम था कि इसकी हैसियत न ताजमहल खरीदने की है, न चांदनी चौक खरीदने की. ऐसे में ब्याज सहित पैसा वापस करने का सवाल ही कहां से आएगा? पत्रकार के बाने का सम्मान करते हुए मैंने कुछ कड़वी बातें कहने के बजाय मैंने उन्हें मीठी-मीठी गोलियां दी और मुझे खुशी है कि अब राज्य के सत्तारूढ़ दल के पास उन गोलियों के अलावा मेरे खिलाफ कहने को भाजपा और उनके नेताओं के पास कुछ भी नहीं है.
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आगे हरीश रावत ने कहा कि प्रश्न है 210 करोड़ रुपये आये कहां से? यदि बबली के पास 210 करोड़ की संपत्ति है तो बबली को कठपुतली की तरह नचाने वाले बंटी के पास कितनी लूट की संपत्ति होगी! आखिर यह सब संपत्तियां आई कहां से? कोई इनकी मिल, कारखाने, कहीं कोई खेती या कोई इंटरप्राइजेज था या यह सब मध्यान्ह भोजन, आंगनवाड़ी और दूसरे समूह में की गई भर्ती और खिलाड़ियों के हिस्से की कितनी लूट हुई है? लोग स्तब्ध हैं. अच्छा है, बबली खूब चीं-चीं कर रही है और बंटी माल लेकर चंपत है, जबकि भाजपा चौराहे पर नंगी हो रही है.

