Automobile Desk : जब भी बाजार में कोई नई मोटरसाइकिल खरीदने की बात आती है, तो खरीदार अक्सर तकनीकी शब्दावली में उलझ जाते हैं। खासकर ‘टॉर्क’ (Torque) और ‘बीएचपी’ (BHP) ऐसे दो शब्द हैं, जिनका जिक्र हर ऑटोमोबाइल चर्चा में सबसे पहले किया जाता है। बहुत से लोग यह मान लेते हैं कि दोनों का मतलब एक ही है या फिर यह गाड़ी की कुल ताकत को मापने के पैमाने मात्र हैं। हालांकि, असलियत इससे काफी अलग है। एक मोटरसाइकिल की परफॉर्मेंस, उसकी रफ्तार और रोजमर्रा की उपयोगिता को पूरी तरह समझने के लिए इन दोनों तकनीकी पहलुओं के बीच का बारीक अंतर जानना बेहद जरूरी है, ताकि आप अपनी जरूरत के अनुसार बिल्कुल सटीक और सही दोपहिया वाहन का चुनाव कर सकें।

टॉर्क क्या होता है और यह किस तरह काम करता है?
आसान शब्दों में कहें तो टॉर्क इंजन द्वारा पैदा किया जाने वाला वह घुमावदार बल (Rotational Force) है, जो वाहन को आगे की तरफ खींचता है। इसे न्यूटन-मीटर (Nm) में मापा जाता है। जब आप अपनी बाइक का थ्रॉटल (एक्सीलेटर) घुमाते हैं, तो इंजन का टॉर्क ही होता है जो पहियों को शक्ति देता है ताकि गाड़ी स्थिर अवस्था से आगे बढ़ सके।
शहर के रोजमर्रा के ट्रैफिक में, जहां बार-बार गाड़ी रोकनी और चलानी पड़ती है, वहां कम और मध्यम आरपीएम (RPM) पर मिलने वाला अच्छा टॉर्क बेहद काम आता है। इसके अलावा, जब आप किसी पहाड़ी रास्ते पर चढ़ाई कर रहे हों, गाड़ी पर भारी सामान लाद रखे हों या फिर पीछे किसी सवारी को बैठाकर चल रहे हों, तब इंजन का टॉर्क ही आपको बिना किसी रुकावट के आगे बढ़ने में मदद करता है। हालांकि, बाइक कितनी सुगमता से दौड़ेगी, यह सिर्फ टॉर्क पर नहीं बल्कि गाड़ी के कुल वजन, गियर रेशियो और इंजन की इंजीनियरिंग पर भी पूरी तरह निर्भर करता है।
बीएचपी (BHP) और इंजन की रफ्तार का गणित
बीएचपी का पूरा नाम ब्रेक हॉर्सपावर (Brake Horsepower) होता है, जो सीधे तौर पर इंजन की पावर या क्षमता को दर्शाता है। अगर दो अलग-अलग बाइकों में अन्य सभी मानक समान हैं, तो अधिक बीएचपी वाली मोटरसाइकिल उच्च गति पर कहीं अधिक तेज एक्सीडेशन और बेहतरीन परफॉर्मेंस देगी। इसका मतलब यह है कि जब आप हाईवे पर लंबी दूरियां तय कर रहे हों और आपको तेजी से अपनी रफ्तार बढ़ानी हो, तो ज्यादा बीएचपी वाली मशीनें काफी असरदार साबित होती हैं।
यही वजह है कि स्पोर्ट्स बाइक्स और रेसिंग मोटरसाइकिलों में बीएचपी के आंकड़ों को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी जाती है। लेकिन केवल हाई बीएचपी का आंकड़ा देखकर यह अंदाजा लगा लेना नासमझी होगी कि वह गाड़ी हर परिस्थिति में सबसे आगे रहेगी। मोटर वाहन का कुल वजन, एरोडायनामिक्स और गियरिंग सिस्टम भी उसकी वास्तविक रफ्तार पर उतना ही गहरा प्रभाव डालते हैं।
शहर की गलियां या खुला हाईवे: आपकी जरूरत के हिसाब से क्या है बेहतर?
अपनी ड्राइविंग आदतों और इस्तेमाल के दायरे को पहचानकर ही सही मोटरसाइकिल का चुनाव किया जा सकता है। यदि आपका अधिकतर सफर शहर की व्यस्त सड़कों, दफ्तर आने-जाने और रोजमर्रा के कामों में बीतता है, तो आपको कम आरपीएम रेंज में बेहतरीन टॉर्क देने वाली बाइक चुननी चाहिए। इससे बार-बार गियर बदलने का झंझट कम होता है और भारी ट्रैफिक के बीच भी वाहन चलाना बेहद सहज हो जाता है।
इसके विपरीत, यदि आपको वीकेंड पर लंबे सफर तय करना पसंद है, आप खुले हाईवे पर रोमांचक राइडिंग का लुत्फ उठाना चाहते हैं, तो उच्च बीएचपी वाली बाइक आपके लिए सही विकल्प साबित होगी। लंबी पक्की सड़कों पर यह इंजन आपको उच्च गति बनाए रखने और बेहतरीन परफॉर्मेंस देने में मदद करता है।
खरीदारी से पहले इन बातों का रखें विशेष ध्यान
सिर्फ शोरूम के ब्रोशर में छपे टॉर्क और बीएचपी के आंकड़ों के आधार पर ही कोई अंतिम फैसला न लें। मोटरसाइकिल फाइनल करने से पहले हमेशा उसका वजन, ब्रेकिंग सिस्टम, सीट का आराम और राइडिंग पोस्चर जरूर जांच लें। यदि आप परिवार के साथ सफर करते हैं या अक्सर दो लोग सवारी करते हैं, तो मजबूत गियरिंग और दमदार टॉर्क वाली गाड़ी को प्राथमिकता दें। किसी भी दोपहिया वाहन को खरीदने से पहले उसकी लंबी टेस्ट राइड जरूर लें, ताकि आपको खुद यह अनुभव हो सके कि वह गाड़ी आपकी रोजाना की ड्राइविंग जरूरतों और आराम पर कितनी खरी उतरती है।

