मेरठ. उत्तर प्रदेश में शिक्षक और स्नातक क्षेत्र की विधान परिषद की 11 सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान होगा. इनमें पश्चिमी यूपी की पांच सीटें शामिल हैं. मतदान को शांतिपूर्ण तरीके से कराने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं. मतदान केंद्रों पर तीन स्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया गया है. मोबाइल, कैमरा और अन्य प्रतिबंधित इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाने की अनुमति नहीं होगी.

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वेस्ट यूपी की इन पांच सीटों पर मतदान

चुनाव में आगरा स्नातक, मेरठ स्नातक, आगरा शिक्षक, मेरठ शिक्षक और बरेली-मुरादाबाद शिक्षक क्षेत्र की सीटें शामिल हैं. इनके अलावा लखनऊ, वाराणसी, इलाहाबाद-झांसी और गोरखपुर-फैजाबाद क्षेत्रों की छह सीटों पर भी मतदान होगा. सभी जिलों के जिलाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के निर्देश दिए गए हैं.

वोटर कार्ड नहीं है तो ये दस्तावेज मान्य

मतदाता पहचान पत्र नहीं होने पर निर्वाचन आयोग की ओर से निर्धारित वैकल्पिक दस्तावेजों का इस्तेमाल किया जा सकता है. इनमें आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड और भारतीय पासपोर्ट शामिल हैं. केंद्र या राज्य सरकार, सार्वजनिक उपक्रम और स्थानीय निकाय की ओर से जारी सेवा पहचान पत्र भी मान्य होंगे. सांसदों, विधायकों और पार्षदों के सरकारी पहचान पत्र भी स्वीकार किए जा सकते हैं. शिक्षक मतदाताओं के लिए शैक्षिक संस्थान का सेवा पहचान पत्र और विश्वविद्यालय की मूल डिग्री या डिप्लोमा का प्रमाणपत्र भी मान्य दस्तावेजों में शामिल है.

मतपत्र की फोटो खींचने पर होगी कार्रवाई

एमएलसी चुनाव में मतदान मतपत्र के जरिए होगा. मतदान की गोपनीयता बनाए रखना जरूरी है. मतपत्र की फोटो खींचने या गोपनीयता भंग करने की कोशिश पर कार्रवाई की जाएगी. मोबाइल, कैमरा और प्रतिबंधित इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मतदान केंद्र में नहीं ले जा सकेंगे. मतपत्र और मतपेटिका को नुकसान पहुंचाने वाली वस्तुओं पर भी रोक रहेगी.

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22 अक्टूबर को रवाना होंगी पोलिंग पार्टियां

प्रशासन के अनुसार, 22 अक्टूबर को पोलिंग पार्टियां रवाना होंगी. माइक्रो ऑब्जर्वर मतदान प्रक्रिया पर नजर रखेंगे. मतदान वाले जिलों में 23 अक्टूबर को शराब की दुकानें बंद रहेंगी. अधिकारियों को मतदाताओं की पहचान और पात्रता का सावधानी से सत्यापन करने के निर्देश दिए गए हैं.