गाजियाबाद। जिले के एंटी करप्शन टीम ने 45 हजार की रिश्वत लेते महिला सब इंस्पेक्टर दरोगा भुवनेश्वरी सिंह को अरेस्ट किया है। दहेज उत्पीड़न के मामले में नामजद आरोपी का नाम काटने के बदले यह रकम ली गई थी। यही दरोगा 2022 में भी कानपुर मे देह व्यापार के आरोपियों से 15 लाख की रिश्वत केस मे अरेस्ट हुई थी। पीड़ित ने आरोप है कि दरोगा ने रिश्वत न देने पर धमकाया और पूरे परिवार का नाम केस में शामिल करने की भी बात कही।

दहेज से जुड़ा हुआ मामला

बताया जा रहा है कि यह पूरा मामला दहेज केस से जुड़ा हुआ है। जहां दहेज से जुड़े एक मामले में उसके पक्ष में कार्रवाई के नाम पर 45000 रुपए की रिश्वत की मांग की थी। पीड़ित ने बताया कि साल 2024 में मेरे बेटे की शादी हुई थी। किसी बात को लेकर विवाद हुआ और बहू मायके चली गई थी। झगड़ा सुलझाने के लिए पंचायत भी बैठी और बाद में उसके परिवार वालों ने हम पर दर्ज का मामला दर्ज करा लिया। नहीं देगा तो तेरे पूरे परिवार का नाम केस में शामिल कर दूंगी।

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फोन लगाकर धमकाया

पीड़ित ने आगे बताया कि महिला दरोगा ने उन्हें थाने में बुलाकर धमकाते हुए कहा कि कि बेटे का नाम दर्ज है और तुम्हारे पूरे परिवार के नाम भी दर्ज हैं। इस दौरान उन्होंने कहा कि 100000 दे दोगे तो तुम्हारा नाम FIR से हटा दिया जाएगा। जिसके बाद मैं डर गया और गिड़गिड़ाते हुए पैसे कम करने की बात कही और फिर 45000 रुपए देने पर बात तय हुई। पैसे देने में देरी हुई, तो दरोगा ने फोन लगाकर कहा कि तेरा ड्रामा बहुत हो गया तू जल्दी रुपए आकार देता है या नहीं।

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45 हजार रुपये की रिश्वत लेने वाली दरोगा भुवनेश्वरी सिंह यूपी में पहली बार एनकाउंटर करने वाली महिला टीम का हिस्सा रहीं थीं। वर्ष 2025 के नवरात्रि के पहले दिन महिला थाने की पुलिस ने लूट के आरोपियों का एनकाउंटर किया था। इस टीम में घायल आरोपियों को कंधे पर डालकर गाड़ी तक ले जाने वाली महिला दरोगा भुवनेश्वरी सिंह ही थीं। बता दें कि भुवनेश्वरी सिंह मूल रूप से अलीगढ़ की रहने वाली हैं। वो 2002 बैच की महिला दरोगा है।