मयंक श्रीवास्तव, अयोध्या. चक्रवर्ती प्रभाव से उत्पन्न ‘अर्नब तूफान’ का असर रामनगरी में भी देखने को मिला है. पिछले 48 घंटों से जनपद में चल रही अनवरत और रफ्तार भरी तेज हवाओं ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेरना शुरू कर दिया है. खेतों में लहलहाती और लगभग पककर तैयार खड़ी फसलों पर मौसम की यह मार भारी पड़ी है. खड़ी फसलें खेत में बिछ गई है.
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जनपद के ग्रामीण इलाकों और तराई क्षेत्रों से आ रही रिपोर्टों के मुताबिक, हवा की तेज गति के कारण किसानों की खून-पसीने की कमाई को भारी नुकसान पहुंचा है. कटाई के मुहाने पर खड़ी धान की फसलें तेज झोंकों को सहन नहीं कर सकीं और खेतों में गिरकर बिछ गईं. इसके साथ ही ऊंचाई ले चुकी गन्ने की फसल भी तेज हवाओं के कारण उखड़कर और टूटकर गिरने लगी है. धान और गन्ने की फसल लगभग पूरी तरह तैयार होने के समय किसानों को भारी आर्थिक नुकसान की चिंता सता रही है.
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स्थानीय किसानों का कहना है कि फसल गिरने से कटाई की लागत बढ़ जाती है, दाना खराब हो जाता है और पैदावार तथा गुणवत्ता दोनों प्रभावित होती हैं. यदि मौसम का यही रुख आगे भी बना रहा, तो नुकसान और ज्यादा बढ़ जाएगा. मौसम विभाग की चेतावनी और बिगड़ते हालात को देखते हुए जिला प्रशासन ने पूरे जनपद में अलर्ट जारी कर दिया है. कृषि और राजस्व विभाग को जमीनी स्थिति पर नज़र रखने के निर्देश दिए गए हैं. फिलहाल, अयोध्या का अन्नदाता प्रकृति के इस प्रकोप के बीच खेतों में खड़ी अपनी मेहनत को बचाने और संभावित नुकसान को कम करने की हर संभव जुगत में जुटा हुआ है.


