मयंक श्रीवास्तव, अयोध्या. श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की रकम की चोरी के मामले में पुलिस की विवेचना रिपोर्ट में कई अहम और चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने 8 आरोपियों के खिलाफ सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल चैट, सीडीआर, डिजिटल और बैंकिंग साक्ष्यों के आधार पर मजबूत चार्जशीट तैयार की है. पुलिस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि गणना कक्ष में हुई चोरी की घटनाएं सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुई हैं. फुटेज के आधार पर आरोपियों की भूमिका अलग-अलग तय की गई है.

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अविनाश शुक्ला 85 बार चढ़ावे की रकम हटाते हुए सीसीटीवी में दिखाई दिया. करुणेश पांडेय 2 बार रकम हटाते और 68 बार सहयोग करते दिखा. मनीष यादव 16 बार रकम हटाते और 19 बार सहयोग करते दिखा. लवकुश मिश्रा एक बार रकम हटाते और 52 बार सहयोग करते दिखा. अनुकल्प मिश्रा 56 बार सह-अभियुक्तों की मदद करते सीसीटीवी में दिखा. रमाशंकर मिश्रा एक बार चढ़ावे की रकम हटाते दिखा।पुलिस का दावा है कि मोबाइल चैट और सीडीआर एनालिसिस से आरोपियों के बीच लगातार संपर्क के पुख्ता सबूत मिले हैं, जो इस बात की ओर इशारा करते हैं कि चोरी सुनियोजित तरीके से की जा रही थी.

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बरामदगी और पैसे के इस्तेमाल का दावा

सूत्रों के अनुसार, आरोपियों की निशानदेही पर लाखों रुपये नकद, डॉलर और आभूषण बरामद किए गए हैं. पुलिस रिपोर्ट में कहा गया है कि चोरी की रकम से कार, जमीन और मकान खरीदे गए. अनुकल्प मिश्रा के पिता के मकान की खरीद में अपराध की रकम इस्तेमाल होने का दावा किया गया है. लवकुश मिश्रा पर जमीन और मकान में 43.43 लाख रुपये खर्च करने का आरोप है. सभी आरोपियों के बैंक खातों में लाखों रुपये नकद जमा होने की बात भी रिपोर्ट में सामने आई है. पुलिस ने इस पूरे मामले को आपराधिक न्यास भंग की श्रेणी में रखा है.

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बयानों में क्या है

चंपत राय के बयान में 4 जून की घटना और बाथरूम से बरामद रकम का जिक्र है. वहीं गणना में लगे एक कर्मी के बयान में आरोपियों पर नोटों की गड्डियां छिपाकर ले जाने का आरोप लगाया गया है. फिलहाल पुलिस ने सीसीटीवी से लेकर बैंक खातों तक की जांच को चार्जशीट में डिजिटल और परिस्थितिजन्य साक्ष्य के रूप में जोड़ा है. मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है.