लखनऊ. उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चल रहे विवाद के बीच चुनाव आयोग का बचाव किया है. न्यायिक जांच या स्वतंत्र SIT की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए राजभर ने कहा कि चुनाव आयोग स्वतंत्र संस्था है और उसने मृतकों तथा एक से अधिक जगह दर्ज नामों को लेकर कार्रवाई की है.
उन्होंने विपक्ष पर इस कार्रवाई का विरोध करने का आरोप लगाया. चुनाव आयोग खुद भी मतदाता सूची में मृत, स्थानांतरित और डुप्लीकेट प्रविष्टियों की पहचान की प्रक्रिया का प्रावधान करता है.
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‘चुनाव आयोग स्वतंत्र एजेंसी है’
राजभर ने कहा कि चुनाव आयोग एक स्वतंत्र एजेंसी है और मतदाता सूची में मृत लोगों के नाम हटाना तथा एक से अधिक जगह दर्ज नामों को एक जगह करना प्रक्रिया का हिस्सा है. उन्होंने कहा कि इसी वजह से विपक्ष को यह कार्रवाई स्वीकार नहीं हो रही है.
हालांकि, SIR को लेकर विपक्ष और अन्य याचिकाकर्ताओं की ओर से प्रक्रिया की पारदर्शिता और मतदाता नाम हटाए जाने को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं. हाल में सुप्रीम कोर्ट में दायर एक याचिका में SIR से जुड़े फैसलों और लाखों नाम हटाए जाने की स्वतंत्र जांच की मांग भी की गई है.
राजभर ने विपक्ष पर लगाया आरोप
मंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि विपक्ष वाले चनाव के समय स्वर्ग और नर्क से लोगों को लेकर आते थे चुनाव के बाद वापस भेज देता था. चुनाव आयोग के दिशानिर्देशों के मुताबिक SIR के दौरान BLO ऐसे मतदाताओं की संभावित श्रेणी दर्ज कर सकते हैं जो अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या डुप्लीकेट हो सकते हैं. आयोग ने संबंधित सूचियों को सार्वजनिक करने और दावे-आपत्तियों की प्रक्रिया का भी प्रावधान किया है.
मतदाता सूची पर क्यों मचा है विवाद
SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट करना है, लेकिन नाम हटाने की प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक दलों के बीच मतभेद हैं. पश्चिम बंगाल के मामले में चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि हटाए गए 27.16 लाख नामों में से 22 लाख से अधिक लोगों ने नाम बहाल कराने के लिए अपील की थी. आयोग ने हटाए गए नामों में अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और डुप्लीकेट प्रविष्टियों को शामिल बताया था.
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उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में SIR की प्रक्रिया चुनाव आयोग के तय कार्यक्रम के तहत चल रही है. आयोग मतदाताओं को अपनी प्रविष्टि जांचने और जरूरी सुधार या आपत्ति दर्ज कराने की सुविधा भी देता है.


