मयंक श्रीवास्तव, अयोध्या. डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के स्वामी विवेकानंद प्रेक्षागृह में आयोजित शिक्षक मतदाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि शिक्षक केवल शिक्षा नहीं देते, बल्कि विद्यार्थियों को जीवन की दिशा दिखाने के साथ राष्ट्र का भविष्य भी गढ़ते हैं. लोकतंत्र की असली ताकत मतदाता का विश्वास है और प्रत्येक वोट लोकतंत्र को मजबूत बनाता है. इस दौरान उन्होंने विपक्षी दल पर भी तीखा हमला बोला है.

विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी मुद्दाविहीन हो गई है और एसआईआर को लेकर समाज में भ्रम फैला रही है. उन्होंने कार्यकर्ताओं से 17 और 24 अक्टूबर को आयोजित विशेष शिविरों में छूटे पात्र मतदाताओं के नाम जुड़वाने में सहयोग की अपील की. अंत में उन्होंने शिक्षक एमएलसी प्रत्याशी ध्रुव त्रिपाठी के पक्ष में मतदान की अपील की.

इसे भी पढ़ें- खाकी का खौफ खत्म! दलित युवक की पीट-पीटकर हत्या के मामले में भड़के चंद्रशेखर, कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हुए कही बड़ी बात

उन्होंने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और प्रदेश की योगी सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री की सोच शिक्षित समाज के निर्माण की है. अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की बढ़ती भूमिका, योग दिवस के वैश्विक आयोजन और जी-20 सम्मेलन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इससे दुनिया को भारत की संस्कृति और सामर्थ्य समझने का अवसर मिला है.

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि 2014 से पहले भारत दुनिया की 11वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था था, जो अब पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है. स्टार्टअप को बढ़ावा मिलने से युवाओं को नए अवसर मिले हैं. गरीब कल्याण के लिए आवास, उज्ज्वला गैस, बिजली और कैशलेस इलाज जैसी योजनाओं का लाभ दिया गया. अनुच्छेद 370 हटाने, सर्जिकल स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति अब स्पष्ट है.

इसे भी पढ़ें- बम मारने, मिट्टी में मिलाने की बात करते हैं CM योगी, सपा प्रवक्ता बोले- ऐसी भाषा से युवा क्या सीखेंगे? राजभर पर भी कसा तंज

शिक्षक हितों पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने शिक्षकों के पारदर्शी स्थानांतरण की व्यवस्था की है. वित्तविहीन और स्ववित्तपोषित विद्यालयों के शिक्षकों के हित में योजनाएं लागू की गईं. ऑपरेशन कायाकल्प और प्रोजेक्ट अलंकार से विद्यालयों का कायाकल्प हुआ है. प्रदेश में 1.65 लाख प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती के साथ उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग का गठन महत्वपूर्ण कदम है.