मयंक श्रीवास्तव, अयोध्या. धर्म और आस्था के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है. हनुमानगढ़ी के पीछे आश्रम बताने वाले एक कथित विवेकानंद महाराज और उसके साथियों पर पुणे की एक महिला से पूजा-पाठ के नाम पर करीब 2 करोड़ रुपये नकद और 80 लाख रुपये की सोने-चांदी की ज्वेलरी हड़पने का आरोप लगा है. पीड़िता की तहरीर पर अयोध्या पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

FIR के अनुसार, पीड़ित महिला लक्ष्मी कामा पत्नी मेरवानी कामा, निवासी वानवाड़ी, पुणे (महाराष्ट्र) पिछले कुछ वर्षों से पुणे एयरपोर्ट में उनकी जमीन चले जाने और उचित मुआवजा न मिलने से मानसिक परेशानी में थीं. इसी दौरान उन्होंने टीवी चैनल पर अयोध्या हनुमानगढ़ी के पीछे आश्रम वाले विवेकानंद महाराज को बाधाओं को पूजा-पाठ से दूर करने का दावा करते देखा. स्क्रीन पर चल रहे मोबाइल नंबर पर संपर्क करने पर फोन उठाने वाले ने उन्हें अयोध्या आश्रम आने को कहा और कहा कि महाराज जी पूजा से सारी समस्या दूर कर देंगे. साथ ही पूजा सामग्री के लिए कुछ रुपये साथ लाने को कहा गया.

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20 लाख और चांदी के मुकुट से शुरू हुई ठगी

पीड़ित महिला ने विश्वास कर बैंक से 20 लाख रुपये निकाले और भगवान राम में आस्था के चलते स्वेच्छा से श्रीराम मंदिर में चढ़ाने के लिए 500 ग्राम चांदी का मुकुट साथ लिया और फ्लाइट से पुणे से अयोध्या आईं. आरोप है कि अयोध्या एयरपोर्ट पर विवेकानंद महाराज, उसका चेला सूरज और चालक रत्नाकर उसे रिसीव करने आए. गाड़ी में बैठाकर आश्रम के बाहर तक ले गए, जलपान कराकर एक होटल में ले गए और पूजा-पाठ के नाम पर लाए गए 20 लाख रुपये और चांदी का मुकुट लेकर चले गए. अगले दिन फिर आकर फ्लाइट टिकट कराकर उसे एयरपोर्ट पर छोड़ दिया.

धमकी देकर वसूली का सिलसिला

FIR में बताया गया है कि इसके 15 दिन बाद फोन कर फिर 5 लाख रुपये मांगे गए, जो पीड़िता ने बैंक मैनेजर से संपर्क कर उनके बताए अकाउंट में भेज दिए. एक महीने बाद विवेकानंद और सूरज खुद पुणे उसके घर पहुंच गए, एक दिन होटल में रुके और 2 लाख किराया और 18 लाख पूजा के नाम पर ले गए. फिर 15 दिन बाद और पैसे की मांग की गई. पैसे खत्म होने की बात कहने पर आरोपियों ने कहा कि पैसे का प्रबंध नहीं करोगी तो पूजा में विघ्न पड़ जाएगा और मनोकामना पूरी नहीं होगी. डर के कारण महिला ने बेटे से 40 लाख नकद लेकर 20 लाख उन्हें पुणे में ही दे दिए. इसी तरह 2 महीने बाद फिर पुणे आकर 25 लाख नकद और 2 लाख किराये के नाम पर ले गए. पीड़िता का आरोप है कि बार-बार संपर्क कर इस तरह उससे कुल करीब 2 करोड़ रुपये कैश और करीब 80 लाख रुपये की ज्वेलरी ले ली गई.

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6 महीने बाद खुली आंख

करीब 6 माह पूर्व जब काम नहीं हुआ तो महिला अयोध्या आई और पैसे-जेवर के बारे में पूछा तो बताया गया कि हनुमान जी के मंदिर में पिलर और अनाथ बच्चियों की शादी में खर्च कर दिया है और पैसा दो तो पूजा पूरी होगी. मना करने पर आरोपियों ने दबाव बनाकर मृत्यु का भय दिखाया. जान के खतरे से बचने के लिए महिला ने साथ लाए 10 लाख रुपये और दे दिए और पुणे लौट गई.

पुलिस से कार्रवाई की मांग

पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक नगर, अयोध्या को दी तहरीर में कहा है कि विवेकानंद महाराज, उसके चेले सूरज व चालक रत्नाकर ने बाहरी समझ कर छल-कपट, धोखाधड़ी और मृत्यु का भय दिखाकर उसके करीब 2 करोड़ रुपये और 80 लाख की ज्वेलरी बेईमानी से हड़प ली है. रिपोर्ट दर्ज की गई है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.