अशोक कुमार जायसवाल, डीडीयू नगर. बिछियां धरनास्थल पर आजीविका समूह की बड़ी संख्या में महिलाओं ने कम मानदेय को लेकर आक्रोश जताते हुए प्रदर्शन किया. महिलाओं का आरोप है कि उनसे प्रतिदिन 8 से 10 घंटे तक काम लिया जाता है, लेकिन इसके बदले महज दो हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा है. महिलाओं ने इसे श्रम के अनुरूप बेहद कम भुगतान बताते हुए मानदेय बढ़ाकर 14 हजार रुपये प्रतिमाह करने की मांग की.

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आंदोलनरत महिलाओं ने कहा कि काम के दौरान आने वाले मोबाइल खर्च के लिए रिचार्ज की व्यवस्था भी होनी चाहिए. इसके साथ ही हर महीने समय से मानदेय का भुगतान किए जाने की मांग उठाई गई. महिलाओं ने आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की तर्ज पर उन्हें भी सम्मानजनक मानदेय देने की मांग की.

महिलाओं का आरोप है कि जिला और ब्लॉक स्तर के अधिकारियों द्वारा उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार नहीं किया जाता. उन्होंने कहा कि वे किसी से भीख नहीं मांग रही हैं, बल्कि काम के बदले उचित मेहनताना मांग रही हैं. आजीविका समूह की महिला अंजू पांडे ने कहा कि कम मानदेय में परिवार चलाना मुश्किल है और लंबे समय तक काम करने के बावजूद उनकी मेहनत का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है.

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महिलाओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा. जरूरत पड़ने पर लखनऊ से दिल्ली तक आंदोलन करने के साथ हड़ताल की भी चेतावनी दी गई. धरनास्थल पर महिलाओं ने सरकार और संबंधित अधिकारियों से उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार कर उचित मानदेय निर्धारित करने की मांग की.