कुलदीप सिंह, फतेहपुर. जनपद के बहुआ विकास खंड अंतर्गत ग्राम सभा गाजीपुर में करोड़ों की नजूल (सरकारी) भूमि पर अवैध कब्जा कर दुकानें बनवाने और लाखों की धांधली का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. मामले में जिला प्रशासन की चुप्पी और कार्रवाई न होने से नाराज जिला कांग्रेस कमेटी के महासचिव अजय प्रताप सिंह उर्फ जब्बर सिंह ने विकास भवन के डीपीआरओ कार्यालय में शरीर पर पेट्रोल छिड़क कर आत्मदाह का प्रयास किया, जिससे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया.
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बता दें कि कांग्रेसी नेता जब्बर सिंह ने आरोप लगाया कि गाजीपुर ग्राम सभा के ग्राम प्रधान विक्रम सिंह और ग्राम विकास अधिकारी अनूप सिंह ने मिलीभगत कर कलेक्ट्रेट-सरकारी स्वामित्व की नजूल जमीन पर सरकारी व राज्य वित्त के पैसे से अवैध दुकानें बनवा दीं. इसके बाद इन दुकानों को सुरक्षा राशि (सिक्योरिटी) के नाम पर 7-7 और 10-10 लाख रुपये में अनाधिकृत रूप से बेंच-आवंटित कर दिया गया. आरटीआई (RTI) से मिली जानकारी में स्पष्ट हुआ है कि इन दुकानों का कोई वैध आवंटन किया ही नहीं गया था.
मामले की गंभीरता तब और बढ़ गई जब जब्बर सिंह ने सीधे जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO) रामशंकर वर्मा पर 5 लाख रुपये की रिश्वत लेने का सनसनीखेज आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि ग्राम प्रधान और सचिव को बचाने के लिए DPRO ने 5 लाख रुपये की सांठगांठ की है, जिसके चलते कई बार की जांच और परीक्षण रिपोर्ट में दोषी पाए जाने के बाद भी दोषियों के खिलाफ कोई ठोस दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जा रही है.
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शरीर पर पेट्रोल छिड़क कर पहुंचे जब्बर सिंह ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा जांच के ऊपर जांच हो चुकी है, किसी भी जांच में प्रधान या सेक्रेटरी को क्लीन चिट नहीं मिली है. इसके बावजूद अधिकारी कार्रवाई करने के बजाय लीपापोती कर रहे हैं. अगर इस भ्रष्टाचार पर सख्त एक्शन नहीं लिया गया तो हम आत्मदाह करने को मजबूर होंगे.

