लखनऊ. उत्तर प्रदेश में अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में मौसम बदलने की संभावना है. बंगाल की खाड़ी में बन रहे संभावित चक्रवाती तूफान का असर पूर्वी यूपी में दिख सकता है. मौसम विभाग के अनुसार, 28 अक्टूबर से वाराणसी समेत पूर्वांचल के कई जिलों में बारिश हो सकती है. तेज हवा चलने की भी संभावना है. इससे धान की कटाई और खेतों में सूख रही फसलों को नुकसान पहुंच सकता है.
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बंगाल की खाड़ी में बन रहा चक्रवाती तूफान
मौसम विभाग के मुताबिक, 23 अक्टूबर को बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बना है. इसके 26 अक्टूबर तक चक्रवाती तूफान का रूप लेने की संभावना है. इसके असर से पूर्वांचल में मौसम बदल सकता है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी अगले 24 घंटे के दौरान कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है.
पूर्वांचल के 7 जिलों में बारिश की संभावना
28 अक्टूबर को वाराणसी, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, संत रविदास नगर, गाजीपुर और बलिया में बारिश का अलर्ट है. इन जिलों में तेज हवा के साथ बारिश हो सकती है. मौसम में बदलाव का असर खेती पर भी पड़ने की आशंका है.
बांदा सबसे गर्म, हरदोई में कम तापमान
प्रदेश में तापमान में उतार-चढ़ाव जारी है. शुक्रवार को बांदा सबसे गर्म शहर रहा. यहां अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. मौसम में बदलाव के साथ आने वाले दिनों में तापमान में भी अंतर देखने को मिल सकता है.
किसानों को सतर्क रहने की सलाह
अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में बारिश से धान की कटाई प्रभावित हो सकती है. खेतों में सूख रही फसलों को भी नुकसान पहुंचने का खतरा है. किसानों को सलाह दी गई है कि वे मौसम के पूर्वानुमान पर नजर रखें. कटी हुई फसल और कटाई के लिए तैयार धान को सुरक्षित जगह पर रखें.
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इस बीच, दिवाली से पहले यूपी के कई इलाकों में वायु प्रदूषण भी चिंता बढ़ा रहा है. प्रदूषित हवा में मौजूद बारीक कण फेफड़ों, दिल और दिमाग पर बुरा असर डाल सकते हैं. लंबे समय तक प्रदूषण के संपर्क में रहने से सांस और दिल से जुड़ी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ता है. इसलिए प्रदूषण से बचाव करना भी जरूरी है. बच्चों और बुजुर्गों का खास खयाल रखें.

