कुमार इंदर, जबलपुर। मध्य प्रदेश के संस्कारधानी जबलपुर स्थित प्रतिष्ठित शैल्बी अस्पताल में इलाज के दौरान एक 62 वर्षीय महिला मरीज की मौत के बाद जमकर हंगामा मच गया है। परिजनों और वकीलों ने अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही बरतने के आरोप लगाए हैं। घटना की सूचना मिलते ही विजयनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।

क्या है पूरा मामला?

मृतका की पहचान 62 वर्षीय भगवती पटेल के रूप में हुई है। परिजनों का आरोप है कि मरीज बिल्कुल ठीक हालत में, अपने पैरों पर चलकर अस्पताल आई थी। उसे केवल पीठ और पेट में दर्द की शिकायत थी, जिसके बाद उसे रूटीन चेकअप के लिए अस्पताल लाया गया था। परिजनों का कहना है कि डॉक्टरों ने स्थिति को सामान्य बताने के बजाय उसे हार्ट अटैक होना बताया और जल्दबाजी में उसकी एंजियोप्लास्टी (Angioplasty) कर दी। वहीं, दूसरी ओर अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि एंजियोप्लास्टी सफल रही थी, लेकिन प्रक्रिया के बाद मरीज को दोबारा दिल का दौरा (Massive Heart Attack) आ गया, जिससे उसकी मौत हो गई।

मौत के बाद बिल वसूली और वकीलों का आक्रोश

परिजनों ने आरोप लगाया है कि मरीज की मौत के बाद अस्पताल प्रबंधन ने संवेदना दिखाने के बजाय भारी-भरकम अस्पताल का बिल (ढाई लाख) तुरंत जमा करने का दबाव बनाया। मामले की गंभीरता को देखते हुए बड़ी संख्या में स्थानीय वकील और परिचित भी शैल्बी अस्पताल (विजयनगर) पहुंच गए। एडवोकेट मनीष शर्मा और मृतका के रिश्तेदार महेंद्र पटेल सहित अन्य लोगों ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कड़ा रोष व्यक्त किया। वकीलों ने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि निजी अस्पताल मुनाफा कमाने के चक्कर में मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं और अनावश्यक प्रोसीजर कर रहे हैं।

निष्पक्ष जांच का भरोसा

फिलहाल पुलिस ने परिजनों और वकीलों को शांत कराकर मामले की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया है। पुलिस अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज, मेडिकल रिकॉर्ड और डॉक्टरों के बयानों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।

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