मयंक श्रीवास्तव, अयोध्या. समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता रहे स्वर्गीय बाबू मित्रसेन यादव की तस्वीर को एक आपत्तिजनक पोस्टर में ‘माफियाराज’ से जोड़कर प्रचारित किए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष जयसिंह यादव ने इसे अत्यंत निंदनीय, आपत्तिजनक और दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए कड़ी आपत्ति जताई है.जयसिंह यादव ने कहा कि बाबूजी जननेता थे. वह तीन बार सांसद और छह बार विधायक रहे, और जीवनभर गरीब और मजलूम जनता की आवाज बने रहे. उनकी छवि से खिलवाड़ करना घिनौना और निंदनीय कार्य है.
सपा जिलाध्यक्ष ने प्रशासन से मांग की कि इस हरकत को करने वालों की पहचान कर उन पर सख्त कार्रवाई की जाए. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो समाजवादी लोग आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे, जिसकी जिम्मेदारी जनपद अयोध्या का प्रशासन होगा.उन्होंने भाजपा पर मुद्दों से भटकाने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह रोजगार, नौजवानों के हित, किसानों को फसल का वाजिब मूल्य और व्यापारियों के हित की बात नहीं करती. उन्होंने दावा किया कि 2027 में जनता इसका जवाब देगी.
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जयसिंह यादव ने कहा, “बाबूजी मित्रसेन यादव किसी एक परिवार या संगठन की विरासत नहीं, बल्कि गरीबों, किसानों, मजदूरों और वंचित समाज के संघर्ष की एक पहचान थे. उनकी तस्वीर को अपमानजनक राजनीतिक प्रचार से जोड़ना उनकी स्मृति के साथ घोर अन्याय है.उन्होंने कहा कि बाबूजी का पूरा सार्वजनिक जीवन गरीबों, किसानों, असहायों, वंचितों और शोषितों के अधिकारों के संघर्ष को समर्पित रहा. अयोध्या में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रमों में भी विभिन्न दलों के वक्ताओं ने उनके संघर्ष और जनसेवा को याद किया था.
भावनाएं आहत, दलों से अपील
सपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि इस कृत्य से बाबूजी को चाहने वाले असंख्य लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं. लोकतंत्र में विचारों और नीतियों पर संघर्ष हो सकता है, लेकिन दिवंगत जननेताओं के सम्मान की मर्यादा बनाए रखना सभी का दायित्व है.उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपराओं का पालन करने की अपील की. उन्होंने कहा कि अयोध्या की जनता सब देख और समझ रही है, लोकतंत्र में जनता सर्वोच्च है और वह हर राजनीतिक गतिविधि का जवाब अपने लोकतांत्रिक अधिकारों से देती है.


