संजय पाटीदार, भोपाल। राहुल गांधी के बालाघाट दौरे के दौरान कलेक्टर और एसपी की गैरमौजूदगी को लेकर कांग्रेस और बीजेपी आमने-सामने हैं। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने कहा कि राहुल गांधी ने बालाघाट में बच्चों की मौत से प्रभावित परिवारों की वेदना को समझा और संवेदनाएं सुनी। पटवारी ने आरोप लगाया कि आदिवासी इलाकों के बच्चों के लिए आने वाला पैसा राजनीतिक आयोजनों में खर्च किया जा रहा है जो गंभीर मामला है।
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पटवारी ने कहा कि राहुल गांधी के दौरे के दौरान कलेक्टर और एसपी की मौजूदगी उनकी ड्यूटी थी। लेकिन बालाघाट कलेक्टर एसपी मौके पर मौजूद नहीं रहे। उन्होंने दावा किया कि मुख्य सचिव से भी बात की गई है, इसके बावजूद दोनों अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे। पटवारी ने इसे प्रशासनिक अराजकता बताते हुए कहा कि इस मामले को लेकर जहां जरूरत होगी वहां शिकायत की जाएगी और अधिकारियों की जवाबदेही तय कराने के लिए कांग्रेस आगे कार्रवाई करेगी। जीतू पटवारी ने चेतावनी देते हुए कहा कि आने वाले दिनों में आपको अपना कार्य व्यवहार झेलना पड़ेगा। बालाघाट कलेक्टर और एसपी को छोड़ेंगे नहीं, जहां होगा वहां शिकायत करेंगे। कलेक्टर , एसपी को उनके अपराध की सजा मिलेगी।
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वहीं बीजेपी प्रवक्ता मंजरी जैन ने पटवारी के आरोपों पर पलटवार किया.. उन्होंने कहा कि प्रशासन को धमकाना कांग्रेस की पुरानी कार्यशैली रही है। कांग्रेस प्रशासन को कई बार धमका चुकी है। बीजेपी के मुताबिक राहुल गांधी के बालाघाट दौरे के लिए प्रशासन ने जरूरी व्यवस्थाएं की थी। बीजेपी ने पटवारी से सवाल किया कि अगर उन्होंने कलेक्टर या एसपी को कोई आवेदन या प्रतिवेदन दिया था तो उसे सामने लाएं। पार्टी ने आरोप लगाया कि बिना तथ्य के आरोप-प्रत्यारोप लगाकर राजनीति करना कांग्रेस की पुरानी आदत है।
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