मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे से जुड़े 500 करोड़ रुपये के कथित लेनदेन और ऑडियो क्लिप विवाद में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने SIT जांच के निर्देश दिए हैं. मनोज जरांगे को लेकर कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग ने कई सवाल खड़े किए हैं. इसे लेकर शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर इस मामले की प्रवर्तन निदेशालय से जांच कराने की मांग की है.

मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटिल को 500 करोड़ रुपए दिए जाने के सनसनीखेज दावों के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में नया उबाल आ गया है.

महाराष्ट्र के CM देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को मुंबई पुलिस आयुक्त को मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल द्वारा जारी किए गए विवादित ऑडियो रिकॉर्डिंग की विशेष जांच दल गठित करने का निर्देश दिया. विवाद एक कथित ऑडियो क्लिप के सामने आने के बाद शुरू हुआ, जिसमें दावा किया गया कि जरांगे को 500 करोड़ रुपये दिए गए थे. इस क्लिप में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का भी नाम है.

राज्यसभा सांसद संजय राउत ने गृह मंत्री अमित शाह को लिखे दो पन्नों के पत्र में ‘प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट’ (पीएमएलए) लागू करने की भी अपील की है. संजय राउत का यह पत्र मनोज जरांगे की ओर से पिछले हफ्ते जारी की गई उस कथित ऑडियो क्लिप के बाद आया है, जिसने राज्य के सियासी गलियारों में हड़कंप मचा दिया था.

उन्होंने अपने पत्र में कहा कि उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे और शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे के माध्यम से जरांगे को 500 करोड़ रुपये दिए गए. यह SIT मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल से जुड़े 500 करोड़ रुपये के लेन-देन के आरोपों और इस मामले से जुड़ी एक कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग की जांच करेगी. मुख्यमंत्री का यह निर्देश फॉर्मल जांच की दिशा में एक अहम कदम है.

हालांकि, एकनाथ शिंदे और श्रीकांत शिंदे ने ऐसे किसी भी भुगतान के आरोपों को खारिज किया है. जरांगे ने भी किसी प्रकार की रकम लेने से इनकार किया है.

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