US Stock Market React On Donald Trump Loss Election: यूएस मिडटर्म चुनाव-2026 (US Midterm Election) में डोनाल्ड ट्रंप की करारी हार हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति की पार्टी रिपब्लिकन पार्टी यानी ‘ग्रैंड ओल्ड पार्टी’ (Grand Old Party) का सूपड़ा साफ हो गया। जबकि विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी (Democratic Party) ने अमेरिकी संसद के दोनों सदनों हाउस और सीनेट में बहुमत हासिल कर लिया है। रिपब्लिकन पार्टी की हार से ट्रंप से नफरत या नापसंद करने वाले देश या लोग काफी खुश हैं। हालांकि ट्रंप की हार का असली जश्न तो अमेरिकी शेयर बाजार ने मनाया है। ट्रंप की हार के बाद खुले अमेरिकी स्टॉक मार्केट में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। डोनाल्ड ट्रंप की हार के बाद डाउ जोन्स (Dow Jones) ने तो ऐसा गदर काटा कि बीते 18 महीने में सबसे ज्यादा तेज रिकॉर्ड की गई।
बता दें कि विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी (Democratic Party) ने अमेरिकी संसद के दोनों सदनों हाउस और सीनेट में बहुमत हासिल कर लिया है। हाउस में कुल 435 सीटें हैं। सभी सीटों पर चुनाव हुए। विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी ने 242 और ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी ने 151 सीटें जीती हैं। 42 सीटों पर वोटों की गिनती जारी है। वहीं सीनेट की 100 सीटों में से 35 पर चुनाव हुए हैं। अब तक 33 सीटों के नतीजे सामने आ चुके हैं। इनमें डेमोक्रेटिक पार्टी ने 20 और रिपब्लिकन पार्टी ने 13 सीटें जीती हैं। नतीजों को मिलाकर डेमोक्रेटिक पार्टी के पास 54 और रिपब्लिकन पार्टी के पास 44 सीटें हैं।
ट्रंप की चुनावी हार के बाद अमेरिकी शेयर बाजार Trump Election Lost का जश्न मनाता हुआ नजर आया। अमेरिकी शेयर बाजार का प्रमुख इंडेक्स डाउ जोन्स ने तो 1,569 अंकों या 3.03% की ऐतिहासिक छलांग लगा दी। ये डाउ की बीते 18 महीनों में सबसे बड़ी रैली थी। इसके अलावा S&P-500 इंडेक्स 119 अंकों की तेजी लेकर 7688 पर बंद हुआ। वहीं NASDAQ इंडेक्स 364 अंकों की बढ़त के साथ 25,736 के लेवल पर जा पहुंचा।
ट्रंप की हार के बाद क्रूड ऑयल के दाम 10 फीसदी गिरा
डोनाल्ड ट्रंप की पार्टी की चुनावी हार का असर और भी जगह देखने को मिला। एक ओर जहां अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें देखते ही देखते क्रैश हो गईं। इससे एशियाई बाजारों में भी रौनक लौट आई। बता दें कि ब्रेंट क्रूड ऑयल का दाम एक झटके में 10 फीसदी टूट गया। Brent Crude Price Crash होकर 90 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गया। दूसरी ओर एशियाई शेयर बाजारों में हांगकांग का हैंगसेंग और ब्रिटिश स्टॉक मार्केट FTSE-100 तूफानी तेजी के साथ कारोबार करता हुआ नजर आया।
भारतीय सेंसेक्स में जबरदस्त तेजी
ट्रंप की हार के बाद 5 नवंबर को खुले भारतीय बाजार ने भी जमकर जश्न मनाया है। 5 नवंबर को सेंसेक्स 1700 अंक या 2.15% चढ़कर 79,000 पर पहुंच गया। इसे तेजी से निवेशकों की दौलत ₹8 लाख करोड़ से ज्यादा बढ़ गई। निफ्टी में भी 450 अंक या 2.00% की तेजी है, ये 24,440 पर कारोबार कर रहा है। ट्रम्प की पार्टी की दोनों सदनों में हार के बाद ईरान जंग रुकने और कच्चे तेल के दाम कम होने की उम्मीद में भारतीय सेंसेक्स में जबरदस्त तेजी आई है।
Trump की हार के ये सबसे बड़े कारण
डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी की मिडटर्म इलेक्शन में हार के बड़े कारणों की बात करें, तो एक सर्वे के आंकड़े पूरी तस्वीर साफ करते हैं। इनमें बताया जता कि अमेरिकी वोटर आखिर क्यों नाराज थे? ईरान युद्ध सबसे बड़ी वजह रही। इसके अलावा Iran War के कई साइड इफेक्ट दिखे, जिनमें अमेरिका में महंगाई बढ़ना, पेट्रोल-डीजल की ऊंची कीमतें, रोजमर्रा का बढ़ता खर्च और सरकार के कामकाज को लेकर असंतोष। खुद अमेरिकी उप-राष्ट्रपति जेडी वेंस ने माना कि ईरान वॉर ट्रंप की हार का कारण बनी।
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