उत्तराखंड कांग्रेस के आधिकारिक सोशल मीडिया पेज पर राष्ट्रीय सेविका समिति के पथ संचलन में शामिल महिलाओं को लेकर की गई कथित टिप्पणी पर विवाद हो गया है. बीजेपी ने सार्वजनिक माफी की मांग की, जबकि कांग्रेस ने पोस्ट हटाने और मामले की जांच कराने की बात कही है.

देहरादून. 29 अक्टूबर को उत्तराखंड कांग्रेस के आधिकारिक सोशल मीडिया पेज पर राष्ट्रीय सेविका समिति के पथ संचलन में शामिल महिलाओं को लेकर की गई कथित टिप्पणी के बाद बीजेपी और कांग्रेस आमने-सामने आ गई हैं. पोस्ट में महिलाओं की तुलना बंदरों से किए जाने का आरोप है. विरोध के बाद संबंधित पोस्ट हटा दी गई.

बीजेपी ने इस टिप्पणी को महिलाओं का अपमान बताते हुए कांग्रेस से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है. वहीं, कांग्रेस का कहना है कि प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के निर्देश पर पोस्ट हटाकर मामले की जांच शुरू कर दी गई है.

बीजेपी ने जताई नाराजगी

उत्तराखंड बीजेपी की प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत भारद्वाज ने कांग्रेस के सोशल मीडिया पेज पर की गई टिप्पणी की आलोचना की है. बीजेपी का कहना है कि दशहरे की पदयात्रा में पार्टी की कई महिला नेत्रियां भी शामिल थीं और इस तरह की टिप्पणी से प्रदेश की महिलाओं की भावनाएं आहत हुई हैं.

दीप्ति रावत ने कहा कि कांग्रेस की टिप्पणी महिलाओं के प्रति उसकी सोच को दर्शाती है. उन्होंने उत्तराखंड आंदोलन से लेकर अब तक प्रदेश की महिलाओं के संघर्ष का उल्लेख किया. उनके मुताबिक, राज्य की वीरांगनाओं ने साहस का परिचय दिया है और महिलाओं ने आंदोलन के दौरान लाठियां झेलने के साथ अपमान भी सहा है.

उन्होंने कहा कि वंदना कटारिया जैसी खिलाड़ियों ने भी प्रदेश का गौरव बढ़ाया है. दीप्ति रावत ने राष्ट्रीय सेविका समिति के पथ संचलन में शामिल महिलाओं को लेकर की गई टिप्पणी पर कांग्रेस से माफी मांगने की मांग की.

कांग्रेस ने शुरू की जांच

कांग्रेस की वरिष्ठ प्रदेश प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह ने बताया कि मामला सामने आने के बाद प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के निर्देश पर संबंधित पोस्ट तत्काल हटा दी गई. उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है.

कांग्रेस ने बीजेपी के आरोपों पर पलटवार करते हुए महिला सम्मान और सुरक्षा से जुड़े दूसरे मामलों का भी उल्लेख किया. पार्टी ने सवाल उठाया कि अंकिता भंडारी प्रकरण, हाथरस और मणिपुर जैसे मामलों में बीजेपी नेताओं ने इसी तरह आवाज क्यों नहीं उठाई.

कांग्रेस का आरोप है कि बीजेपी सोशल मीडिया पोस्ट को राजनीतिक विवाद बनाकर महिला सुरक्षा से जुड़े वास्तविक मुद्दों से ध्यान हटाने की कोशिश कर रही है. इस टिप्पणी को लेकर दोनों दलों के बीच बयानबाजी जारी है.