उत्तराखंड बेरोजगार संघ के नेतृत्व में सैकड़ों युवाओं ने देहरादून में 16 सूत्रीय मांगों को लेकर सचिवालय कूच किया. सचिव कार्मिक और सतर्कता से लिखित आश्वासन मिलने के बाद प्रदर्शनकारियों ने आंदोलन फिलहाल समाप्त कर दिया.
देहरादून. 30 अक्टूबर को उत्तराखंड बेरोजगार संघ के नेतृत्व में सैकड़ों युवाओं ने 16 सूत्रीय मांगों को लेकर सचिवालय कूच किया. प्रदर्शनकारियों ने परेड ग्राउंड से मार्च शुरू किया, लेकिन पुलिस ने सुभाष रोड पर बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक दिया. आगे बढ़ने की कोशिश के दौरान युवाओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी हुई.
वर्दीधारी पदों पर भर्ती
उत्तराखंड बेरोजगार संघ के अध्यक्ष राम कंडवाल ने मांग की कि पुलिस कांस्टेबल, फॉरेस्ट गार्ड, बंदी रक्षक, सचिवालय रक्षक, आबकारी सिपाही समेत सभी वर्दीधारी पदों पर जल्द भर्ती विज्ञप्ति जारी की जाए. उनका कहना है कि विभिन्न विभागों में रिक्त पदों पर भर्ती की मांग को लेकर युवा लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन पहले भी रैली निकालने के बावजूद उनकी मांगों का समाधान नहीं हुआ.

राम कंडवाल ने दूसरे राज्यों के अभ्यर्थियों की नियुक्तियों को लेकर भी सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि बाहरी राज्यों से कुछ लोग उत्तराखंड में फर्जी डिग्रियां बनवा रहे हैं और उनका चयन हो रहा है, जबकि राज्य के युवा रोजगार के लिए संघर्ष कर रहे हैं.
उन्होंने पिछले सप्ताह घोषित डाकिया भर्ती के परिणाम का हवाला देते हुए कहा कि इसमें दूसरे राज्यों के अभ्यर्थियों का चयन हुआ है. उनका सवाल था कि यदि भर्ती केंद्र सरकार कराती है, तो उत्तराखंड में दूसरे राज्यों के लोगों का चयन अधिक संख्या में क्यों हो रहा है.
लंबित परिणाम जारी करने की मांग
संघ अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि पिछले तीन वर्षों में उत्तराखंड में डाकिया के अधिकांश पदों पर बाहरी राज्यों के अभ्यर्थियों को नियुक्त किया गया है. उन्होंने वन दरोगा भर्ती की विज्ञप्ति जारी करने के साथ सहायक अध्यापक, प्रवक्ता और प्राथमिक शिक्षक के पदों पर नई भर्ती निकालने की मांग की.
इसके अलावा उत्तराखंड लोक सेवा आयोग (UKPSC) और उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की लंबित परीक्षाओं के परिणाम जल्द घोषित करने की मांग भी उठाई गई.
लिखित आश्वासन के बाद खत्म प्रदर्शन
प्रदर्शन के बाद बेरोजगार संघ के प्रतिनिधिमंडल ने सचिव कार्मिक एवं सतर्कता, उत्तराखंड शासन से मुलाकात की. इस दौरान सचिव कार्मिक एवं सतर्कता और अपर सचिव कार्मिक नवनीत पांडे ने युवाओं को लिखित आश्वासन दिया. इसके बाद बेरोजगार संघ ने फिलहाल अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया.

