समस्तीपुर। वैशाली एक्सप्रेस के सेकेंड एसी कोच में अपराधियों ने एक महिला यात्री को अपना निशाना बनाते हुए करीब 5.10 लाख रुपये के गहने छीन लिए। इस सनसनीखेज घटना के बाद से रेल यात्रियों की सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

​ट्रेन खुलते ही कोच में घुसे सात-आठ युवक

​घटना सोमवार सुबह की है। पीड़िता अपने पति, जो कि एक वरिष्ठ पत्रकार हैं, के साथ समस्तीपुर से गाजियाबाद जा रही थी। जैसे ही वैशाली एक्सप्रेस ने समस्तीपुर जंक्शन के प्लेटफॉर्म संख्या-7 से अपनी यात्रा शुरू की, अचानक सात-आठ संदिग्ध युवक धक्का-मुक्की करते हुए सीधे सेकेंड एसी कोच के अंदर घुस आए। इनमें से कुछ युवकों ने सुनियोजित तरीके से महिला को बाथरूम के पास घेर लिया, जबकि अन्य बदमाशों ने उसके पति को कोच के गेट के पास ही रोक दिया, ताकि वे मदद के लिए आगे न आ सकें।

​हीरे का पेंडेंट और सोने की चेन छीनी

​बदमाशों ने महिला के साथ बदसलूकी करते हुए उसके गले से सोने की चेन और उसमें लगा कीमती हीरे का पेंडेंट बलपूर्वक छीन लिया। इस अचानक हुए हमले से महिला और उसके पति बुरी तरह सहम गए। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी युवक तुरंत बगल वाले कोच की तरफ भाग निकले। ट्रेन के एसी कोच में इस तरह की दुस्साहसिक घटना से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई।

​टीटीई की बेरुखी और रेल मदद ऐप का सहारा

​घटना के तुरंत बाद पीड़िता ने ट्रेन में तैनात टीटीई से संपर्क कर आपबीती बताई, लेकिन वहां से किसी प्रकार की तत्परता या मदद नहीं मिल सकी। इसके बाद महिला ने रेलवे के आधिकारिक ‘रेल मदद ऐप’ पर अपनी शिकायत दर्ज कराई, जिसके माध्यम से सुरक्षा एजेंसियों को इस वारदात की औपचारिक सूचना मिली।

​गाजियाबाद जीआरपी में प्राथमिकी और पुलिस जांच

​गाजियाबाद जंक्शन पहुंचने के बाद पीड़ित दंपति ने वहां की जीआरपी में इस मामले की प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई। चूंकि यह घटना समस्तीपुर रेल क्षेत्र के अंतर्गत हुई है, इसलिए गाजियाबाद जीआरपी अब जीरो एफआईआर को समस्तीपुर जीआरपी के पास भेजने की प्रक्रिया पूरी कर रही है।
​रेल एसपी वीणा कुमारी ने बताया कि शुरुआती जांच में मामला चेन स्नेचिंग का प्रतीत हो रहा है। पुलिस समस्तीपुर जंक्शन और आसपास के सीसीटीवी फुटेज को खंगाल रही है ताकि आरोपियों के भागने के रूट और उनकी पहचान की जा सके। इसके अलावा, अपराधियों तक पहुंचने के लिए तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल डाटा की भी मदद ली जा रही है। समस्तीपुर में जीरो एफआईआर पहुंचते ही स्थानीय स्तर पर भी कानूनी कार्रवाई तेज कर दी जाएगी।