सिद्धार्थ शरद, वैशाली। राघोपुर में हुए नाव हादसे में 13 बच्चों की डूबने से मौत हो गई थी। बच्चों की मौत के बाद आज 25 अक्टूबर को आयोजित दशकर्म कार्यक्रम के दौरान दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प हो गई। रामपुर श्यामचंद पंचायत के भगतान टोला में हुई इस घटना में जदयू के प्रदेश सचिव अजीत यादव गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके सिर में चोट लगी है। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है। स्थिति को देखते हुए मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।

घटना के समय मौजूद थे प्रशांत किशोर

घटना के समय जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर भी पीड़ित परिवारों से मिलने भगतान टोला पहुंचे थे। वह मृत बच्चों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दे रहे थे। इसी दौरान गांव के एक व्यक्ति और स्थानीय जदयू नेता के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों के बीच मारपीट होने लगी।

जदयू प्रदेश सचिव के सिर में गंभीर चोट

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विवाद ने जल्द ही हिंसक रूप ले लिया। इसी दौरान बीच-बचाव करने पहुंचे जदयू के प्रदेश सचिव अजीत यादव पर हमला कर दिया गया। हमले में उनके सिर पर गंभीर चोट आई, जिसके बाद वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घायल अजीत यादव को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।

गौरतलब है कि बीते 13 अक्टूबर को राघोपुर में गंगा की सोती में नाव पलटने से 13 बच्चों की मौत हो गई थी। इसी हादसे में जान गंवाने वाले बच्चों के लिए दशकर्म कार्यक्रम आयोजित किया गया था। पीड़ित परिवारों से मिलने और उनका दुख बांटने के लिए प्रशांत किशोर गांव पहुंचे थे।

हिंसा के बाद गांव से निकले प्रशांत किशोर

दशकर्म कार्यक्रम के दौरान अचानक हुई झड़प के बाद गांव में तनाव बढ़ गया। हालात बिगड़ते देख प्रशांत किशोर करीब 10 मिनट के भीतर अपने काफिले के साथ गांव से रवाना हो गए। उनके समर्थक भी वहां से निकल गए। घटना के बाद पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी और इलाके में शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई।

तेजस्वी यादव का दौरा भी रद्द

बताया जा रहा है कि प्रशांत किशोर के गांव पहुंचने के करीब एक घंटे बाद बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव भी पीड़ित परिवारों से मिलने आने वाले थे। हालांकि, गांव में हिंसक झड़प और तनाव की सूचना मिलने के बाद उनका दौरा एहतियातन रद्द कर दिया गया। विवाद की असली वजह और मारपीट करने में कौन-कौन लोग शामिल थे? इसकी जानकारी अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है। पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुटी हुई है। फिलहाल, इस घटना के बाद इलाके में तनाव के साथ राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है।

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