मनोज परिहार, विदिशा। मध्य प्रदेश के विदिशा से एक “सनकी” शिक्षक का वीडियो सामने आया है, जिसने स्कूल परिसर में खेल रही मासूम को उठाकर फेंक दिया। दर्द से कराहती बच्ची को ग्रामीणों ने बचा लिया। इतना ही नहीं शिक्षक की सनक इस कदर थी कि वह वीडियो में बच्ची को जान से मार देने की धमकी देता दिखाई दे रहा है। इस मामले में जिला शिक्षाधिकारी के संज्ञान में आया तो उन्होंने तुरंत जांच के निर्देश दिए और शिक्षक पर कार्रवाई की बात कही।

दरअसल, यह पूरा मामला विदिशा जिले के ग्राम हैदरगढ़ के अंतर्गत आने वाले शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय धामनोद का है। फर्जी विकलांग सर्टिफिकेट का सहारा लेकर विद्यालय में संकुल प्राचार्य के पद पर पदस्थ कमल सिंह मीणा गांव के ही एक युवक पर वीडियो डिलीट करने का दबाव बना रहा था। जब युवक ने वीडियो डिलीट करने से मना किया तो सनकी प्राचार्य ने स्कूल प्रांगण में खेल रही एक मासूम को उठाकर फेंक दिया। मामला यही खत्म नहीं हुआ, घटना के बाद प्राचार्य बच्ची को मारकर युवक को हत्या के झूठे आरोप में फंसाने की धमकी देने लगा।

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क्या है मामला?

डरे हुए गांव के युवक खुमान सिंह ने कुछ दिन बाद हिम्मत जुटाई और मीडिया को मामले की जानकारी दी। युवक का आरोप है कि 12वीं कक्षा की एक स्टूडेंट को कक्षा में प्रथम आने पर स्कूटी और लैपटॉप मिलना था। योजना का जल्द लाभ दिलाने के बदले में स्कूल प्राचार्य कमल सिंह मीणा रिश्वत मांग रहे थे, जिसका वीडियो बना लिया था। खुमान सिंह का आरोप है कि प्राचार्य मानसिक रूप से विक्षिप्त है, जिसके चलते स्कूल के बच्चों की जान का खतरा है।

शिक्षा अधिकारी ने कही ये बात

इधर, पूरा मामला संज्ञान में आने के बाद जिला शिक्षाधिकारी एन के अहिरवार ने तुरंत टीम गठित कर जांच के निर्देश जारी किये है। शिक्षाधिकारी का कहना है कि शिक्षक की विकलांगता श्रेणी की भी जांच की जाएगी। यदि शिक्षक पूरी तरह स्वस्थ्य पाया जाता है तो विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।

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