प्रतीक चौहान. रायपुर. दुर्ग आरपीएफ पोस्ट (Durg RPF Post) के स्टॉफ को लल्लूराम डॉट कॉम की खबर के बाद बड़ी राहत मिली है. अब पोस्ट में 38 दिनों की 12-12 घंटे की शिफ्ट के बाद ड्यूटी टाईम कम हो गया है. 12-12 घंटे की शिफ्ट लगाए जाने की ये खबर लल्लूराम डॉट कॉम ने प्रमुखता से प्रकाशित की थीं, जिसके बाद स्टॉफ की 8 घंटे की शिफ्ट लगानी शुरू कर दी गई है.

लल्लूराम डॉट कॉम की खबर के बाद रायपुर आरपीएफ कमांडेंट ने दुर्ग पोस्ट के इंचार्ज और एक स्टॉफ को पुटअप में रायपुर ऑफिस बुलाया था. सूत्र बताते है कि जिस स्टॉफ को बुलाया गया था उसका 15 दिन का CL लेप्स हुआ है. यही कारण है कि विभाग को ऐसी आशंका है कि लल्लूराम डॉट कॉम तक उक्त स्टॉफ ने इस मामले को दिया.

सूत्र ने ये भी बताया कि एक अन्य स्टॉफ की 13 दिनों का CL लेप्स हुआ है. लेकिन सवाल ये है कि दुर्ग आरपीएफ पोस्ट (Durg RPF Post) में ऐसा चंद स्टॉफ के साथ क्यों हुआ ? और बाकियों को छुट्टी दी गई. बंद कमरे में कमांडेंट और एएससी ने स्टॉफ और इंचार्ज से क्या सवाल किया ये स्पष्ट नहीं हो सका हैं.

ASC ने क्या किया इंस्पेक्शन ?

सूत्र बताते है कि जिस दिन लल्लूराम डॉट कॉम ने इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया उसके एक दिन पहले दुर्ग आरपीएफ पोस्ट (Durg RPF Post) का निरीक्षण एएससी द्वारा किया गया था. अब सवाल ये है कि क्या एएससी की इस इंस्पेक्शन रिपोर्ट में इस बात की जांच क्यों नहीं हुई कि स्टॉफ कि बिना किसी आदेश के 12-12 घंटे शिफ्ट लगाई जा रही है और बिना किसी कारण स्टॉफ के सीएल लेप्स हो रहे है. सवाल ये है कि अब यदि रिपोर्ट में इस बात का जिक्र किया जाता है तो उक्त इंस्पेक्शन के दौरान एएससी ने स्टॉफ से उक्त बातें क्यों नहीं पूछी? या ये इंस्पेक्शन भी महज खानापूर्ति थीं!

मेरी सहेली ड्यूटी कर रहे पुरूष (Meri Saheli RPF)

रेल मंत्रालय द्वारा मेरी सहेली (Meri Saheli RPF) अभियान संचालित किया जा रहा है. जिसमें ट्रेन में अकेले सफर करने वाली महिला यात्रियों की जानकारी एकत्र कर महिला स्टॉफ उनसे स्टेशन में बातचीत कर उन्हें जागरूक करती है और यात्रा के दौरान उनकी सेफ्टी को लेकर कोई परेशानी तो नहीं हुई इसकी जानकारी लेती है. लेकिन दुर्ग रेलवे स्टेशन का आलम ये हैं कि यहां मेरी सहेली ड्यूटी पुरूषों से कराई जा रही है.

अब जारी नहीं होता ड्यूटी रोस्टर

अब दुर्ग आरपीएफ पोस्ट का आलम ये है कि यहां स्टॉफ का ड्यूटी रोस्टर जारी नहीं किया जाता है. यहां TA ड्यूटी करने वाला स्टॉफ सभी कर्मचारियों को फोन कर उनकी ड्यूटी बीट के मुताबिक बताता है. लेकिन सवाल ये है कि इस ड्यूटी रोस्टर में ऐसा क्या है जिसे छिपाने के उद्देश्य से इसे जारी नहीं किया जा रहा है.

IG को भेजी गई गोपनीय रिपोर्ट

इस पूरे मामले की गोपनीय रिपोर्ट आईजी तक भेजे जाने की खबर है. सूत्र बताते है कि खबर में दिए गए सभी ड्यूटी रोस्टर और इससे जुड़ी पूरी जानकारी की एक रिपोर्ट बनाकर आईजी को भेज दी गई है.

लल्लूराम डॉट कॉम में प्रकाशित खबर