​Automobile desk: भारतीय ऑटोमोबाइल मार्केट में सीएनजी कारों का क्रेज तेजी से आसमान छू रहा है। आज के समय में ग्राहक सिर्फ कम खर्च में सफर करने वाली गाड़ियां ही नहीं चाहते, बल्कि उनकी चाहत यह होती है कि गाड़ी का लुक भी दमदार हो और केबिन के अंदर बेहतरीन फीचर्स भी मिल सकें। इसी डिमांड को भुनाने के लिए कार निर्माता कंपनियां इस सेगमेंट में लगातार नए और आधुनिक विकल्प उतार रही हैं। टाटा मोटर्स की नेक्सन सीएनजी पहले से ही बाजार में अपनी एक मजबूत पकड़ बना चुकी है, वहीं अब Mahindra ने भी अपनी दमदार एक्सयूवी 3एक्सओ सीएनजी को मैदान में उतारकर मुकाबले को काफी रोमांचक बना दिया है।

​यह दोनों गाड़ियां टर्बोचार्ज्ड इंजन तकनीक, शानदार माइलेज और फैमिली की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन की गई हैं। अगर आप भी अपने लिए एक नई सीएनजी एसयूवी खरीदने का मन बना रहे हैं, तो कीमत, माइलेज और फीचर्स के मोर्चे पर इन दोनों की तुलना करना बहुत जरूरी हो जाता है। आइए गहराई से समझते हैं कि आपके लिए इनमें से कौन-सा विकल्प ज्यादा बेहतर साबित हो सकता है।

शुरुआती कीमत और वेरिएंट्स का अंतर

​जब बात बजट की आती है, तो ग्राहक सबसे पहले कीमत पर ही नजर डालते हैं। टाटा नेक्सन सीएनजी की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 8.99 लाख रुपये से शुरू होती है और इसके टॉप वेरिएंट के लिए आपको लगभग 14.50 लाख रुपये तक खर्च करने पड़ सकते हैं। इसका मतलब है कि कम बजट में एक बेहतरीन एसयूवी घर लाने वालों के लिए नेक्सन का बेस मॉडल एक आकर्षक ऑप्शन बन जाता है।

​दूसरी तरफ, महिंद्रा एक्सयूवी 3एक्सओ सीएनजी की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत करीब 9.99 लाख रुपये रखी गई है, जबकि इसका टॉप मॉडल लगभग 12.27 लाख रुपये तक जाता है। यदि शुरुआती कीमत की बात करें तो टाटा नेक्सन सीएनजी थोड़़ी किफायती साबित होती है, लेकिन जब आप टॉप वेरिएंट की तुलना करते हैं तो Mahindra का विकल्प ज्यादा किफायती नजर आता है। इसलिए सही चुनाव के लिए यह देखना जरूरी है कि आप कौन-से फीचर्स वाले वेरिएंट पर दांव लगाना चाहते हैं।

इंजन पावर और माइलेज का मुकाबला

​परफॉर्मेंस और फ्यूल एफिशिएंसी की बात करें तो दोनों ही गाड़ियों में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। टाटा नेक्सन सीएनजी में 1.2-लीटर का टर्बो-पेट्रोल इंजन दिया गया है, जिसे खासतौर पर सीएनजी पर चलने के लिए ट्यून किया गया है। यह देश की उन शुरुआती कारों में से एक है जिसमें टर्बो इंजन के साथ सीएनजी का विकल्प मिलता है। कंपनी के आंकड़ों के अनुसार, यह लगभग 24 किलोमीटर प्रति किलोग्राम तक का माइलेज देने में सक्षम है।

​वहीं दूसरी ओर, महिंद्रा एक्सयूवी 3एक्सओ सीएनजी में भी 1.2-लीटर का दमदार टर्बो इंजन मिलता है। कंपनी का दावा है कि यह एसयूवी लगभग 24.70 किलोमीटर प्रति किलोग्राम का माइलेज देती है। इस लिहाज से माइलेज के मामले में महिंद्रा की गाड़ी को थोड़ी सी बढ़त मिलती है। हालांकि, असल ड्राइविंग कंडीशंस, ट्रैफिक, मौसम और गाड़ी पर पड़ने वाले वजन के हिसाब से माइलेज में थोड़ा बहुत अंतर आ सकता है। सबसे अच्छी बात यह है कि दोनों ही गाड़ियां ट्विन-सिलेंडर सेटअप के साथ आती हैं, जिसका बड़ा फायदा यह मिलता है कि सीएनजी टैंक बूट में होने के बावजूद लगेज रखने के लिए पर्याप्त जगह बच जाती है।

फीचर्स और कंफर्ट का खेल

​केबिन के अंदर मिलने वाले फीचर्स गाड़ी के सफर को और भी ज्यादा मजेदार बनाते हैं। टाटा नेक्सन सीएनजी में एक बड़ा टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, पूरी तरह से डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल और आगे की सीटों के लिए वेंटिलेटेड फंक्शन जैसी शानदार सुविधाएं मिलती हैं। ये सभी चीजें रोजमर्रा के सफर को बेहद आरामदायक बनाती हैं।

​इसके मुकाबले, महिंद्रा एक्सयूवी 3एक्सओ सीएनजी भी फीचर्स के मामले में किसी से पीछे नहीं है। इसमें पैनोरमिक सनरूफ, प्रीमियम साउंड सिस्टम और वेंटिलेटेड सीट्स जैसी आधुनिक सुविधाएं दी गई हैं। खासकर इसका पैनोरमिक सनरूफ उन ड्राइवरों और परिवारों को बेहद आकर्षित करता है, जो केबिन के अंदर एक खुला, हवादार और लग्जरी अहसास चाहते हैं। हालांकि, ये सारे फीचर्स हर वेरिएंट में उपलब्ध नहीं होते, इसलिए शोरूम जाने से पहले वेरिएंट की पूरी लिस्ट जरूर जांच लें।