TMC के नाम और घास फूल के चुनाव चिह्न को लेकर दोनो गुटों के दावे पर चुनाव आयोग में हलफनामा दाखिल करने का समय सुप्रीम कोर्ट ने बढ़ाया. सुप्रीम कोर्ट ने दोनों गुटों को 20 दिन की मोहलत दी है. प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने ऋतब्रत बनर्जी गुट को अपना जवाब दाखिल करने के लिए 10 दिन दिए.
कोर्ट ने ममता बनर्जी गुट को भी ऋतुब्रत गुट के हलफनामे पर जवाब दाखिल करने के लिए 10 और दिनों की मोहलत दी. CJI सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची और वी मोहना की पीठ ने आदेश दिया.
पश्चिम बंगाल की राजनीति में TMC के असली नाम और उसके चुनाव चिह्न “जोड़ा फूल और घास” को लेकर जारी कानूनी लड़ाई में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है. शीर्ष अदालत ने साफ किया कि दोनों पक्षों को अपने दावे के पक्ष में कागजात पेश करने और एक-दूसरे के सबूतों की प्रामाणिकता पर सवाल उठाने का पूरा अधिकार होगा.
सुप्रीम कोर्ट ने ऋतुब्रत बनर्जी गुट को जवाब दाखिल करने के लिए 10 और दिनों का समय दिया है. कोर्ट ने ममता बनर्जी गुट को भी ऋतुब्रत गुट के हलफनामे पर जवाब दाखिल करने के लिए 10 और दिनों की मोहलत दी. TMC ममता की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील और सांसद कल्याण बनर्जी और ऋतब्रत बनर्जी के वरिष्ठ अधिवक्ता के परमेश्वर की दलीलों पर ध्यान देने के बाद यह आदेश दिया.
कोर्ट ने साफ किया कि दोनों पार्टियां अपने-अपने दावों के सपोर्ट में पोल पैनल के सामने फाइल किए गए डॉक्यूमेंट्स की एक्सेप्टेबिलिटी पर सवाल उठाने के लिए स्वतंत्र होंगी. तृणमूल कांग्रेस में दो फाड़ होने के बाद चुनाव आयोग ने 17 सितंबर को एक अंतरिम आदेश जारी करके पार्टी के मूल नाम ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ और उसके मान्यता प्राप्त प्रतीक चिह्न ‘घास-फूल’ के इस्तेमाल पर रोक लगा दी थी.
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m

