बिलासपुर। ऐसा लगता है कि पटवारी अमला ही पूरा राजस्व विभाग है. ऐसा इसलिए क्योंकि पटवारी हड़ताल पर क्या गए, पूरी तहसील में कामकाज ठप हो गया है. पटवारियों के हड़ताल पर जाने से आय-जाति प्रमाण पत्र, नामांतरण, बंटवारा, रजिस्ट्री समेत कई काम नहीं हो रहे हैं. लोग तहसील कार्यालय और पटवारी कार्यालयों के चक्कर लगाते देखे जा सकते हैं. पटवारियों के हड़ताल पर जाने के बाद से जिला प्रशासन की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था बनाए जाने की बात कही जा रही है, जिसका जमीन पर कोई असर नहीं दिख रहा है.

जांजगीर-चांपा में रिश्वत लेने के आरोपी पटवारी के निलंबन और गिरफ्तारी को लेकर उनके साथी पटवारी भड़क गए हैं. विरोध में जिले के 248 पटवारी 16 जून से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं. इसके चलते राजस्व व्यवस्था बिगड़ गई है. आंदोलनरत पटवारी तहसीलदार और नायब तहसीलदार के साथ थाना प्रभारी को सस्पेंड करने की मांग कर रहे हैं. दूसरी ओर अगले कुछ दिनों में मुख्यमंत्री का जिले में दौरा होने की बात कही जा रही है और हड़ताल के साथ प्रदर्शन पर रोक है.

प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी

छग पटवारी संघ के प्रदेश संयुक्त सचिव बृजेश सिंह ने बताया कि सभी पटवारी नेहरू चौक में तहसील आफिस के सामने एकत्र होकर धरना दे रहे हैं. पटवारियाें का कहना है कि सोशल मीडिया में वायरल वीडियो के आधार पर पामगढ़ में पदस्थ पटवारी देवेन्द्र साहू को एसडीएम ने सस्पेंड कर दिया है. इसमें विभागीय जांच भी नहीं कराई गई. इसके बाद अगले दिन पटवारी को पुलिस ने जबरदस्ती गिरफ्तार भी कर लिया. पटवारी शासकीय कर्मचारी है कोई चोर या डाकू या पेशेवर मुजरिम नहीं है.

अधिकारियों के निलंबन पर अड़े

पटवारी संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि पहले भी संघ ने बिना विभागीय जांच के कोई कार्रवाई नहीं करने को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा था. जिला प्रशासन की ओेर से आश्वासन भी मिला था. इसके बाद भी इस तरह की कार्रवाई की गई हैं. पटवारी संघ का कहना है कि जब तक तीनों अधिकारियों को निलंबित नहीं किया जाएगा, तब तक हड़ताल जारी रहेगी. पटवारियों वे प्रदेशव्यापी आंदोलन की भी चेतावनी दी है.

नामातंरण, बटांकन, प्रतिवेदन सब ठप

पटवारियों के हड़ताल पर चले जाने के कारण पिछले करीब एक सप्ताह से राजस्व में जैसे सारे काम बंद से हो गए हैं. पटवारियों ने अपने आफिस में बंद कर दिए हैं इसलिए लोगों को दूर चलकर तहसील आफिस पहुंचना पड़ रहा है. यहां भी उनका काम नहीं हो पा रहा है. छात्रवृत्ति समेत अन्य काम के लिए आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र बनाया जाता है. पटवारी के हड़ताल पर जाने से जिले में कही भी प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहे हैं. तहसील कार्यालय में रजिस्ट्री भी नहीं हो पा रही है. प्रमाणीकरण के लिए पटवारी मौके पर मौजूद नहीं हैं इसलिए वह भी बंद है. नामांतरण के साथ बटांकन और सीमांकन ठप पड़े हैं. पटवारियों द्वारा दिए जाने वाले प्रतिवेदन भी नहीं बन पा रहे हैं.

कलेक्टर कह रहे प्रभावित नहीं हो रहा काम

एक तरफ पटवारियों की हड़ताल से आम लोग प्रभावित हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कलेक्टर सारांश मित्तर का कहना है कि काम बहुत अधिक तो प्रभावित नहीं हो रहा है. जरूरी कामाें को राजस्व निरीक्षकों के माध्यम से कराया जा रहा है. पटवारियों से चर्चा भी जारी है. जांजगीर कलेक्टर ने नायब तहसीलदार को अटैच भी कर दिया है. थाना प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग पटवारियों द्वारा की जा रही, इस बारे में फैसला पुलिस विभाग को लेना है. उम्मीद है बुधवार की शाम तक हड़ताल खत्म हो जाएगी.

प्रशिक्षु पटवारियों को सौंपा गया काम

वहीं जांजगीर-चांपा कलेक्टर जितेंद्र शुक्ला का कहना है कि पटवारियों के हड़ताल को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था तैयार की गई है. प्रशिक्षु पटवारियों को काम सौंपा गया है, उन्हें राजस्व निरीक्षकों के साथ समन्वय बनाकर काम करने के लिए कहा गया है. सवाल यह है कि अगर प्रशिक्षु पटवारी कोई काम भी करते हैं, तो उनकी मान्यता कितनी रहेगी. उस पर सवालिया निशान हड़ताल खत्म होने के बाद स्वयं पटवारी लगा देंगे. ऐसे में आम लोगों के लिए परेशानी बरकरार है.