रविंद्र कुमार भारद्वाज, रायबरेली. पूर्व विधायक सुरेंद्र बहादुर सिंह ने हाल ही में जनपद में आयोजित श्री राम कथा और रायबरेली का नाम बदलकर ‘रामबरेली’ रखने के प्रस्ताव को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए उन्होंने मीडिया के समक्ष अपनी चिंताएं व्यक्त कीं और इन मुद्दों पर सरकार और संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण की मांग की.
पूर्व विधायक सुरेंद्र बहादुर सिंह ने श्रीराम कथा के आयोजन पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह एक ‘सरकारी’ कार्यक्रम था, जिसमें जनता के लाखों-करोड़ों रुपये बहाए गए. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि धार्मिक आयोजनों में सरकारी धन का इस तरह से उपयोग उचित नहीं है और इससे जनता के पैसे का दुरुपयोग होता है. उन्होंने कार्यक्रम की वित्तीय पारदर्शिता पर भी सवाल उठाए और कहा कि जनता को यह जानने का अधिकार है कि उनके पैसे का उपयोग कैसे किया गया.
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इसके अतिरिक्त, सिंह ने रायबरेली का नाम बदलकर ‘रामबरेली’ रखने के प्रस्ताव पर भी अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई. उन्होंने कहा कि रायबरेली का अपना एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व है, और इस नाम को बदलना शहर की पहचान और विरासत के साथ खिलवाड़ होगा. उन्होंने इस तरह के बदलावों के पीछे के औचित्य पर सवाल उठाया और कहा कि ऐसे निर्णय जनता की भावनाओं और सहमति के बिना नहीं लिए जाने चाहिए.
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